Aligarh Muslim University: जानिये, AMU के शताब्दी कार्यक्रम में पीएम मोदी के संबोधन की कुछ खास बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के शताब्दी कार्यक्रम को संबोधित किया। डाइनामाइट न्यूज की इस रिपोर्ट में जानिये पीएम मोदी के संबोधन की कुछ खास बातें

Updated : 22 December 2020, 12:23 PM IST
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के शताब्दी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस खास मौके पर पीएम मोदी ने राष्ट्र के निर्माण में AMU के योगदान की तारीफ करते हुए कहा कि यह भारत की अमूल्य धरोहर है। यहां से तालीम लेकर निकले तमाम लोग दुनिया के सैंकड़ों देशों में छाए हुए हैं। विदेश यात्रा में मिलते हैं। एएमयू में एक मिनी भारत नजर आता है। 

पीएम मोदी ने कहा कि समाज में तमाम तरह के वैचारिक मतभेद होते हैं, लेकिन जब बात राष्ट्र के लक्ष्य के प्राप्ति की हो तो सभी मतभेद को किनारे रख देने चाहिए। देश में कोई किसी भी जाति या मजहब का हो, उसे देश को आत्मनिर्भर बनाने की ओर योगदान देना चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा कि यहां बिना भेदभाव विकास कार्य हो रहे है। कोई मजहब की वजह से पीछे ना रहे। सबका साथ सबका विकास व सबका विश्वाश ही देश का मंत्र है। आज देश गरीबों के लिए बिना भेदभाव योजना बना रहा है। एक करोड़ खाते खुले, 8 करोड़ महिलाओं को गैस कनेक्शन मिला। 80 करोड़ लोगों को कोराना में बिना भेदभाव लाभ मिलाा। देश है वह हर व्यक्ति का है। कुछ दिन पहले मेरी मुलाकात एएमयू के पूर्व छात्र से हुई। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन में टॉयलेट बने। उसका लाभ सभी को मिला।

 

एमयू के तमाम विभागों की बिल्डिंग को सजाया गया है। ये बिल्डिंग ही नहीं, इनसे शिक्षा का इतिहास जुड़ा कोरोना संक्रमण के समय एएमयू ने जो मदद की, वह अमूल्य है। अभी कुछ दिन पहले चांसलर की एक चिठ्ठी मिली है। उन्होंने वैक्सीन में हर मदद का भरोसा दिया है। यहां  एक ओर उर्दू तो दूसरी ओर हिंदी पढ़ाई जाती है। फारसी है तो संस्कृत भी है।

पीएम मोदी ने कहा कि AMU से कई सेनानी निकले हैं, जिन्होंने अपने विचारों से हटकर देश के लिए जंग लड़ी। सियासत सिर्फ समाज का एक हिस्सा है, लेकिन सियासत-सत्ता से अलग देश का समाज होता है। ऐसे में देश के समाज को बढ़ाने के लिए हमें काम करते रहना चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा कि AMU के सौ साल पूरे हो रहे हैं, ऐसे में सौ हॉस्टल के छात्र कुछ रिसर्च करें। आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में रिसर्च करें, जिनके बारे में अब तक काफी कम लोग जानते हैं। इनमें 75 आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी, 25 महिला स्वतंत्रता सेनानी के बारे में जानकारी इकट्ठा करें. पीएम मोदी ने साथ ही पुरानी पांडुलिपी को डिजिटल क्षेत्र के जरिए दुनिया के सामने लाएं। 

Published :  22 December 2020, 12:23 PM IST

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