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महराजगंजः सरकार भले ही पौधरोपण कराने की दिशा में मुहिम चला रही हो लेकिन स्थितियां यह है कि कागजों में पौधरोपण कार्य पूरा दर्शाकर शिलापट लगाकर भुगतान भी हो जाता है और जमीनी धरातल पर पौधे नजर भी नहीं आते हैं।
डाइनामाइट न्यूज की टीम ने ग्राम पंचायत सिसवा अमहवां में पौधरोपण कार्य की पडताल की तो जमीनी सच्चाईयां कुछ और ही बयां करती नजर आईं।
वर्ष 2021-22 में यहां मनरेगा के तहत दस दिनों तक चले कार्य में खाली जमीन व नहर के पटरी पर पौधरोपण कार्य किया गया।
बड़ी-बड़ी झाड़ियां
23 हजार 480 रूपए की लागत से हुए इस कार्य की वर्तमान हालत पर गौर करें तो बड़ी-बड़ी झाडि़यां मौके पर दिखाई दे रहे हैं। आखिर जमीनी धरातल पर लगाए गए पौधे कहां चले गए, यह तो जिम्मेदार ही बता सकते हैं।
अधिकारी नहीं करते जांच
नाम न छापने की शर्त पर आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि साहब! यहां कभी पौधे लगाए नहीं गए। हां प्रधान जी को बोर्ड लगवाते जरूर देखा गया था। चूंकि अधिकारी भी बिल देखकर भुगतान कर देते हैं तो बोर्ड की फोटो ही काफी है। अधिकारी अगर कार्यों की पडताल और मौका मुआयना करें तो सारी सच्चाईयां सामने आ जाएंगी।
Published : 28 January 2024, 5:54 PM IST
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