दवा किट घोटाले में प्राथमिकी रद्द करने के अनुरोध वाली याचिकाएं खारिज

जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय ने दवा किट घोटाले में भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के तहत 2011 में दर्ज एक प्राथमिकी को चुनौती देने वाली तीन याचिकाएं खारिज कर दीं और कहा कि ‘‘आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के अधिकार का इस्तेमाल बहुत ही संयम और सावधानी से करना चाहिए तथा वह भी दुर्लभ से दुर्लभतम मामलों में।’’

Updated : 25 May 2023, 6:36 PM IST
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जम्मू: जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय ने दवा किट घोटाले में भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के तहत 2011 में दर्ज एक प्राथमिकी को चुनौती देने वाली तीन याचिकाएं खारिज कर दीं और कहा कि ‘‘आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के अधिकार का इस्तेमाल बहुत ही संयम और सावधानी से करना चाहिए तथा वह भी दुर्लभ से दुर्लभतम मामलों में।’’

यह प्राथमिकी स्वास्थ्य सेवाओं (जम्मू) के तत्कालीन निदेशक अशोक कुमार शर्मा, निविदा देने वाली समिति के सदस्यों, अधिकारियों और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के अधिकारियों तथा सत्यापन समिति के सदस्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) की एक जांच से संबंधित है।

उन पर अत्यधिक दामों पर करोड़ों रुपये की दवाएं खरीदने का आरोप है।

ऐसा भी आरोप है कि उन कंपनियों से दवाएं खरीदी गयीं, जिनका पंजीकरण स्थायी रूप से खत्म कर दिया गया था या स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (चिकित्सा भंडार संगठन), नयी दिल्ली ने उन्हें काली सूची में डाल दिया था।

याचिकाकर्ता - सत्यापन बोर्ड के सदस्य दीपक कपूर, बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक (एमडी) सुप्रकाश कुंडु, कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के तत्कालीन एमडी सुहास लक्ष्मण फड़के और हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के तत्कालीन निदेशक (वित्त) सीताराम वैद्य ने अदालत में प्राथमिकी को चुनौती दी है।

याचिकाकर्ता के वकीलों और वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता मोनिका कोहली को सुनने के बाद न्यायाधीश संजय धर ने कहा कि जांच में प्रथम दृष्टया यह आरोप साबित हुआ है कि स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक ने 2010-11 के दौरान अत्यधिक दरों पर दवाओं की किट खरीदी, जो दवाओं की किट की खरीद के लिए निर्धारित औपचारिकताओं की पूरी तरह अवहेलना है, जिससे सरकारी खजाने को काफी नुकसान हुआ।

इसके बाद अदालत ने प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध करने वाली याचिकाएं खारिज कर दीं।

 

Published : 
  • 25 May 2023, 6:36 PM IST

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