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पटना: आखिरकार नीतीश कुमार ने भाजपा के समर्थन के साथ विश्वासमत हासिल कर लिया। इसी के साथ चार साल बाद बिहार में फिर एक बार भाजपा-जेडीयू गठबंधन की सरकार लौट आई है। नीतीश के पक्ष में 131 विधायकों ने वोट किये, जबकि उनके विरोध में 108 वोट पड़े।
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फ्लोर टेस्ट में पास होने से नीतीश के मुख्यमंत्री बनने की संवैधानिक औपचारिकताएं भी पूरी हो गई हैं। भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी को बिहार का उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। नीतीश ने विधानसभा में बहुमत हासिल करने के साथ अपने विरोधियों खासकर तेजस्वी यादव और उनके पिता लालू यादव के लिए मुश्किलें भी खड़ी कर दी हैं। बिहार में नीतीश-मोदी राज के लौट आने से भाजपा को भी बड़ा फायदा मिला है।
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हार में इस गठबंधन से बनी सरकार का सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस और लालू यादव को उठाना पड़ेगा। इस नई जीत के साथ भाजपा की झोली में एक राज्य और आ गया है, जिसका 2019 के लोकसभा चुनाव पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
Published : 28 July 2017, 1:08 PM IST
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