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नयी दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में इंदिरा गांधी अंतररराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएस) ने मानव तस्करी में कथित संलिप्तता को लेकर एआईएसएटीएस के चार कर्मियों तथा ब्रिटेन जा रहे एक भारतीय यात्री को पकड़ा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
कंपनी ने कहा है कि उसने इन कर्मियों को निलंबित कर दिया है और यह (कंपनी) संबंधित अपराध को सामने लाने के अभियान का हिस्सा थी।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक अधिकारी ने बताया कि हवाई अड्डे पर बुधवार को एयर इंडिया की उड़ान से बर्मिंघम जाने वाले एक यात्री की गतिविधियां जब संदिग्ध पायी गयीं तब यह सारा मामला सामने आया।
सीआईएसएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि जब सुरक्षाकर्मियों ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो उन्होंने पाया कि आव्रजन अधिकारियों ने इस यात्री को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी थी, क्योंकि उसके यात्रा दस्तावेज ‘संदेहास्पद’ थे और उन्होंने उसे स्पष्टीकरण के लिए एयरलाइन अधिकारियों के साथ वापस आने को कहा।
प्रवक्ता के अनुसार लेकिन वह यात्री एयरलाइन कर्मियों के पास नहीं गया और वह एआईएसएटीएस कर्मी के पास पहुंच गया।
उन्होंने बताया कि ‘क्रू चेक इन काउंटर’ के एआईएसएटीएस कर्मियों ने ‘‘गलत या अवैध’’ दस्तावेजों के आधार पर उस यात्री को विमान में सवार करने की कोशिश की।
एआईएसएटीएस एयर इंडिया लिमिटेड (टाटा ग्रुप का हिस्सा) तथा एसएटीएस लिमिटेड का बराबर हिस्सेदारी वाला संयुक्त उपक्रम है तथा उसके कर्मी रैंप संबंधी कार्य, बोझ नियंत्रण, उड़ान संचालन, बैग संभालने एवं अन्य विमान सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि यात्री दिलजोत सिंह के साथ एआईएसएटीएस के चार कर्मियों-- रोहन वर्मा, मोहम्मद जहांगीर, यश और अक्षय नारंग को दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया है। प्रवक्ता के अनुसार, पुलिस ने बाद में उन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
एआईएसएटीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय गुप्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘सत्ताईस दिसंबर, 2023 को दिल्ली हवाई अड्डा प्राधिकरण एवं सीआईएसएफ के साथ मिलकर एआईएसएटीएस दिल्ली हवाई अड्डे पर चल रही मानव तस्करी को रोकने और उसे सामने लाने के अभियान का हिस्सा थी।’’
उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में साथ देने वाले कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है तथा उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि यह मानव तस्करी का संदिग्ध मामला जान पड़ता है, क्योंकि एआईएसएटीएस के कर्मियों ने सीआईएसएफ कर्मियों को बताया कि उड़ान में अवैध रूप से चढ़ाने के लिए प्रति यात्री 40,000 रुपये लिये जा रहे थे।
इस सप्ताह के प्रारंभ में 276 यात्रियों को लेकर निकारगुआ जा रहे एक विमान को मानव तस्करी के संदेह में चार दिनों तक फ्रांस में रोककर रखा गया था। यात्रियों में ज्यादातर भारतीय थे।
Published : 29 December 2023, 4:07 PM IST
Topics : अंतररराष्ट्रीय हवाई अड्डे इंदिरा गांधी एआईएसएटीएस ब्रिटेन भारतीय यात्री राष्ट्रीय राजधानी सीआईएसएस
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