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नई दिल्ली: आज यानी बुधवार को राधा अष्टमी (Radha Asthami) का पर्व है। भाद्रपद माह शुक्ल पक्ष (Shukla Paksh) की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी मनाई जाती है। यह जन्माष्टमी (Janmasthami) के ठीक 15 दिन बाद आता है। इस दिन लोग राधा रानी की पूजा कर उनका जन्मोत्सव मनाते हैं। राधा अष्टमी के दिन व्रत और पूजन करने से जीवन में खुशियों आती हैं। राधा जी को प्रसन्न करने के लिए लोग उन्हें तरह-तरह के भोग लगाते हैं।
इन चीजों का करें उपयोग
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के मुताबिक राधा और कृष्ण भगवान (Lord Krishna) की विधि पूर्वक पूजा अर्चना करने से हर मनोकामना पूरी होती है। आइए जानते हैं कि राधा अष्टमी की पूजा के लिए किन-किन चीजों की आवश्यकता होती है। राधी जी के जन्मोत्सव की सही तिथि, पूजन और भोग सामग्री के बारे में भी इस आर्टिकल में जानेंगे।
पंचांग के अनुसार, 10 सितंबर 2024 की रात 11:11 बजे भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि शुरू हुई। यह 11 सितंबर रात 11:46 बजे तक रहेगा। इसलिए उदया तिथि के अनुसार 11 सितंबर को राधा अष्टमी का मनाई जाएगी।
पूजन सामग्री
राधा अष्टमी के दिन राधा रानी की पूजा-आराधना करने से धन, सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। किशोरी जी की विधिपूर्वक पूजा करने के लिए आपको कुछ पूजन सामग्री की जरूरत होती है। राधा रानी की पूजा के लिए अक्षत, फूल (Flower), लाल चंदन, रोली (Roli), सिंदूर, धूप-दीप, सुगंध, इत्र, पंचामृत, खीर, फल मिठाई, नए वस्त्र, फूलों की माला, आभूषण समेत सभी पूजन-सामग्री को शामिल करना होता है।
अरबी की सब्जी का भोग
राधा अष्टमी के दिन राधा रानी को अरबी की सब्जी का भोग लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है। साथ ही राधा जी को पंचामृत का भोग भी जरूर लगाना चाहिए। पंचामृत कृष्ण कन्हैया और राधा रानी दोनों को बहुत प्रिय है। इसके अलावा आरती के बाद पीली मिठाई और फल का भोग भी जरूर लगाना चाहिए। मीठे में राधा रानी को मालपुआ या रबड़ी का भोग अर्पित करें।
Published : 11 September 2024, 7:48 AM IST
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