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भुवनेश्वर: ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रेन हादसे में कोरोमंडल एक्सप्रेस से बरामद करीब 40 शवों पर किसी तरह की चोट का निशान नहीं पाया गया है और माना जा रहा है कि उनकी मौत करंट लगने से हुई है। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने यह जानकारी दी है।
बालासोर में जीआरपी थाने में दर्ज प्राथमिकी में संकेत दिया गया है कि ऊपर से जा रहे तारों के दुर्घटना के बाद टूटने और उनके कुछ डिब्बों में फंसने की वजह से यात्रियों को करंट लगा।
पुलिस उपनिरीक्षक पी कुमार नायक ने प्राथमिकी में कहा कि कई यात्रियों की मौत चोट लगने और ऊपर से जा रहे तारों के संपर्क में आने से करंट लगने की वजह से हुई है।
अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना के बाद डिब्बों के पलटने से बिजली के खंभे गिर पड़े जिससे ऊपर से जा रहे तार टूट गए।
बालासोर में शुक्रवार को तीन ट्रेन हादसे का शिकार हुई थीं। इस घटना में 278 लोगों की मौत हुई है और करीब 1200 लोग जख्मी हैं। हावड़ा-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस, बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस और खड़ी हुई माल गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है।
Published : 6 June 2023, 6:26 PM IST
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