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मई माह के दूसरे रविवार को दुनिया भर में मां के लिये समर्पित दिन मदर्स डे मनाया जाता है। इसमे कोई संदेह नहीं कि हर इंसान के लिये उसके जीवन का अस्तित्व मां से ही शुरू होता है। मां की महानता औऱ ममता को लेकर हर इंसान के शब्द भले ही अलग हों, पर भाव सभी के एक जैसे होते है। डाइनामाइट न्यूज़ ने मदर्स डे के इस खास मौके पर मां को लेकर लोगों की फीलिंग समझने की कोशिश की। एक्सक्लूसिव रिपोर्ट..
नई दिल्ली: सोचो..गर मां न होती तो क्या हमारा-तुम्हारा वजूद होता? नहीं.. सच तो ये है कि मां न होती तो हमारी-तुम्हारी ये दुनिया भी न होती। कोई पूछे कि दुनिया का सबसे मुश्किल काम क्या है, तो सभी का जबाव होगा कि मां को बयां करना। क्योंकि मां सबसे महान है-मां सबका जहान है। मां की इसी महानता और उदारता के लिये दुनिया भर में मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। हालांकि एक मां के लिये मदर्स डे से ज्यादा महत्व उसके बच्चों का होता है, लेकिन फिर भी जीवन की आपाधापी, दौड़-धूप और व्यस्तता के कारण कई बार चाहकर भी बच्चे अपनी मां के साथ नहीं होते, ऐसे में मां को याद करने और उसके ममत्व की ताजगी को महसूस करने के लिये मदर्स डे जैसे सुअवसर की प्रासंगिकता काफी बढ़ जाती है।
मदर्स डे के इस मौके पर डाइनामाइट न्यूज़ ने दिल्ली में कई लोगों से बात की और इस अवसर पर मां के लिये समर्पित गिफ्टों से सजी शॉप्स का जायजा लिया साथ ही मां के लिये गिफ्ट खरीद रहे लोगों से इस स्पेशल डे पर मां को लेकर उनकी फीलिंग जानने का भी प्रयास किया। इनमें से कई लोग ऐसे थे, जो देश के अन्य क्षेत्रों से आकर दिल्ली में काम या पढ़ाई कर रहे हैं, मतलब कि वो अपनी मां से दूर है और उनको मां की कमी खल रही है।
डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत में अधिकतर लोगों ने कहा कि मां के लिये साल का एक दिन नाकाफी है, उनके जीवन का हर दिन, हर पल और हर लम्हा मां के लिये समर्पित है। उनका कहना है कि मां की महानता के सामने हर तरह का आयोजन काफी छोटा है।

दिल्ली के गिफ्ट शॉप्स में अपनी मां के लिये स्पेशल गिफ्ट पैक करा रही डीयू की एक छात्रा ने डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत में कहा कि उसकी मां उसे हर छोटे-बड़े मौकों पर साल भर गिफ्ट या गिफ्ट्स के लिये पैसे देती रहती है। मां के दिये कुछ पैसों को ही बचाकर गिफ्ट खरीद रही हूं और मैं मदर्स डे के मौके पर मां को ये गिफ्ट दूंगी।
डाइनामाइट न्यूज़ से बात करते हुए एक मां ने कहा कि मैने जीवन में मदर्स डे कभी नहीं मनाया, पर मैं चाहती हूं कि मेरे बच्चे मदर्स डे को जरूर मनाएं और वो हमेशा खुशहाल रहें। बच्चों द्वारा मदर्स डे मनाने पर हर मां को खुशी होती है।
बिहार से आकर दिल्ली में आईएएस की तैयारी कर रहे एक छात्र ने डाइनामाइट न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि उसका हर दिन मां के लिये समर्पित है। मां के बिना उसकी दुनिया अधूरी है। राजस्थान से आकर दिल्ली में पढ़ाई कर रहे एक अन्य छात्र ने कहा कि वह मां के पास होता तो उन्हें कहीं घुमाने ले चलता। क्योंकि मेरी मां मेरी हर इच्छा को पूरी करती हैं, ऐसे में मां के लिये फिलहाल इतना तो में कर ही सकता हूं।
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