महराजगंज के सेन्चुरी रेंज की खुली पोल..काले कारनामे का ऑडियो वायरल

डीएन ब्यूरो

महराजंगज के सेन्चुरी रेंज की उस समय पोल खुली जब काले कारनामे का ऑडियो सामने आया है। डाइनामाइट न्यूज़ की इस रिपोर्ट में पढ़ें इस काले कारनामे का पूरा सच...


महराजगंज: निचलौल रेंज सेन्चुरी के पूर्वी जंगल मे काफी दिनों से मछली पकड़ने का कार्य चल रहा है जिसकी शिकायत के बाद भी रेंज निचलौल द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई है।निचलौल वन क्षेत्र के पूर्वी जंगल के ग्राम चंदा गुलरभार की जंगलों में अलग-अगल जगहों पर मछुवारो को मछली पकड़ने के नाम पर पट्टा कर दिया गया है। जैसे कि झवही नदी का सोता जिसका 20 हजार रुपये, कुरुसहवा 2 लाख रुपये, सौरि 50 हजार रुपये, खोखरहिया 50 हजार रुपये, डुमरहन 1.50 लाख रुपये इत्यादि।

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जब बड़ेअधिकारियों का यहां दौड़ा होता है तो रेंजर व उसके फारेस्टर द्वारा फोन कर सूचना दे दिया जाता है जिससे मछवारे अफसरों के पहुंचने से पहले गायब हो जाते हैं और अफसर बैरंग वापस चले जाते है। काफी दिनों से चल रही जंगल में शिकार माही पर लगभग चार माह से काम कर रहे अंडर कवर रिपोर्टर ने खुद को ठेकेदार बताकर कर लोगों व रेंजर फारेस्टर का विश्वास जीता जिसके बाद अधिकारी रिपोर्टर से खुलने लगेऔर ठेका-पट्टा की बात करने लगे।

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अधिकारियों ने फोन पर या किसी प्रकार का उपकरण साथ मे लाने पर मना कर दिया था जिसके बाद एक दिन फोन पर बात किये जिसकी रिकॉर्डिंग डाइनामाइट न्यूज़ के हाथ लगी।आडियो रेंजर की मिली भगत का तो वही एक दूसरा आडियो सुनाते है उसी क्षेत्र के फारेस्ट गार्ड का जो कैसे अपने अधिकारी के आदेशों का पालन और कैसे एक ही आदमी को मछली मारने व मछली पकड़ने वाले छेका लगवाने का आदेश दे रहे है।

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