हिंदी
महराजगंज: जनपद के लगभग आधा दर्जन ब्लॉकों से जुड़े करोड़ों रूपये के मनरेगा घोटाले का डाइनामाइट न्यूज ने बखूबी खुलासा किया था। अब इस घोटाले की जांच आखिरी दौर में हैं। घोटाले के आरोपो में घिरे अधिकारियों से बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है। विकास भवन के परियोजना निदेशक (पीडी) के कमरे में घोटालों में घिरे अधिकारियों से पूछताछ जारी है। लेकिन डाइनामाइट न्यूज़ की टीम के पहुँचते ही पीडी ने दरवाजा बंद करवा दिया, जिससे सवाल उठता है कि क्या वे इस घोटाले जुड़े राज छिपाना चाहते हैं?
बता दें कि जिले के परतावल ब्लॉक, घुघुली ब्लॉक, सदर ब्लॉक और मिठौरा समेत आधा दर्जन ब्लॉकों में करोड़ों से भी ज्यादा का मनरेगा घोटाला उजागर हुआ हैं। इस मामले में जिन अधिकारियों पर सीधा आरोप लगा है, उनमें परतावल और घुघुली ब्लॉक के बीडीओ प्रवीण शुक्ला के अलावा पीडी मनरेगा रामकरण पाल, डीसी मनरेगा अनिल चौधरी समेत कई लोग शामिल हैं। आरोपों को लेकर आज विकास भवन के पीडी कार्यालय में साइबर सेल के साथ कोतवाली पुलिस समेत और कई टीमें इन अफसरों से पूछताछ करने में जुटी है।

आरोपों से घिरे अफसर और कर्मचारी पुलिस के तीखे सवालों का जवाब दे रहें। खुद के ही कार्यकाल में करोड़ो का मनरेगा घोटाले के आरोप में खुद ही जांच टीम का हिस्सा होने के बाद भी इन सभी के चेहरों पर खौफ देखा जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि कई अफसरों से तो पुलिस के सवालों का जवाब देते नहीं बन पा रहा है, जिससे वे ज्यादा खौफजदा हैं।

डाइनामाइट न्यूज़ की टीम जब इस पूछताछ और जांच प्रक्रिया को कवर करने पहुंची तो पीडी ने दरवाजा बंद करवा दिया। पीडी समेत घोटाले के मास्टर माइंड माने जा रहे वीडियो प्रवीण शुक्ला ने दरवाजे को बंद करवा दिया। अब बड़ा सवाल यह है कि बंद कमरे में आखिर पीडी घोटाले से जुड़े क्या राज छुपाना चाहते हैं?
Published : 6 July 2021, 2:11 PM IST
No related posts found.