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प्रयागराज: महाकुंभ में मौनी अमावस्या के स्नान पर मची भगदड़ में 30 लोगों की मौत और 60 लोगों के घायल होने के आधे-अधूरे सरकारी आंकड़े जारी करना यूपी सरकार और शासन का सरदर्द बनता जा रहा है। इन आंकड़ों पर लगातार सवाल उठाये जा रहे हैं और कहा जा रहा है कि यूपी सरकार घटना को लेकर कई तथ्य छुपा रही है। अब इस घटना पर राजनीति भी गरमाने लगी है और विपक्ष योगी सरकार पर हमले बोल रहा है।
शनिवार को संसद के बजट सत्र के दौरान मीडिया से बातचीत में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी की योगी सरकार पर महाकुंभ भगदड़ में मारे गये लोगों और घायलों का गलत आंकड़ा बताने का गंभीर आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने दावा किया कि यूपी सरकार के आंकड़े झूठे हैं।
सपा प्रमुख से संसद भवन परिसर में जब बजट पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि आज हमारे लिये बजट के आंकड़ों से ज्यादा जरूरी महाकुंभ में जान गंवाने और लापता हुए लोगों के आंकड़े जरूरी हैं। सरकार को बताना चाहिये कि कितने लोग हताहता है, कितने लोग लापता है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जो आंकड़े बताए जा रहे हैं, वह झूठे आंकड़े हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि महाकुंभ में बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे हैं। हजारों ड्रोन लगाये गये हैं। लोग आज भी वहां अपने परिजनों को ढ़ूंढ़ रहे हैं। क्या सरकार के पास मृतकों, घायलों व लापता लोगों के आंकड़े नहीं है।
अखिलेश यादव के अलावा कुछ संतों व अन्य लोगों ने भी मौत के आंकड़ों पर सवाल खड़े किये हैं।
कई मीडिया रिपोर्टों पर यदि यकीन किया जाये तो ये बात भी सामने आ रही है कि भगदड़ में मृतकों की संख्या सामने आये आंकड़े से अधिक हो सकती है। इसी तरह घायल लोगों की संख्या भी और अधिक हो सकती है। आखिर क्या है हकीकत? इसकी भी किसी को कोई जानकारी नहीं है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि प्रशासन इन रिपोर्टों को संज्ञान लेकर क्यों नहीं सामने आकर स्थिति को स्पष्ट कर रहा है?
Published : 1 February 2025, 6:36 PM IST
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