लखनऊ: संस्कृति राय को शहीद का दर्जा देने की मांग, सरकार पर भेदभाव करने का आरोप

DN Bureau

छेड़छाड़ का विरोध करने पर पॉलिटेक्निक छात्रा संस्कृति राय की हत्या को लेकर चारों तरफ जनता की पीड़ा देखी जा रही है। इस बीच मृतका के पिता ने इस मामले में सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया है। सामाजिक संगठनों ने बहादुर व जुझारू संस्कृति को शहीद का दर्जा देने की मांग की है। पूरी खबर..

मृतका को शहीद का दर्जा देने की मांग करते लोग
मृतका को शहीद का दर्जा देने की मांग करते लोग

लखनऊ: राजधानी के चर्चित संस्कृति राय हत्याकांड को लेकर सामाजिक संगठनों ने हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया, जिसमें संस्कृति राय के पिता उमेश राय ने योगी सरकार द्वारा की गई उपेक्षा से खुद को काफी आहत बताया। इसके अलावा कई सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने बहादुर संस्कृति राय को शहीद का दर्जा देने की मांग की। 

 

 

टेंपो चालकों के लिए की सख्त गाइडलाइंस बनाए जाने की मांग

संस्कृति राय के पिता उमेश राय ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा की यदि उनकी बेटी फारवर्ड कास्ट की ना होती तो शायद योगी सरकार और केंद्र से उनके परिवार की मदद की जाती और उनकी बेटी को अब तक शहीद का दर्जा भी दिया गया होता। वहीं इस दर्दनाक हादसे में अपनी बेटी को खोने के बाद पिता उमेश राय ने योगी सरकार से अपील की है कि सभी टेंपो चालकों की आइडेंटिटी वेरिफिकेशन करना चाहिए। साथ ही जो टेंपो चालक दिन ढलते ही शराब पी लेते हैं, उन्हें चिन्हित कर उनका परमिट निरस्त कर दिया जाए। जिससे आगे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो सके।

शहीद का दर्जा देने की मांग 

बलिया निवासी उमेश राय ने बताया कि जिस तरह से उनकी बेटी ने 4 गुंडों से लड़ते हुए अपनी जान गवाई थी। ऐसी स्थिति में उसे शहीद का दर्जा और उसकी बहन को सरकार की ओर से सरकारी नौकरी देकर उनके परिवार की मदद करनी चाहिए।

उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि उनके घर पर घटना के बाद से योगी सरकार का कोई भी अधिकारी या मंत्री मौके पर नहीं पहुंचा। जिससे उनके परिवार को सरकार के इस रवैया से काफी निराशा पहुंची है।
 

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