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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर जेल से रिहा हो गये हैं। वह पिछले 6 महीने से लखनऊ जेल में बंद थे। रेप के आरोपी को बचाने के आरोप में उन पर FIR दर्ज की गयी थी। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से जमानत मिलने के बाद वे जेल से रिहा हो गये। अमिताभ ठाकुर अन्य कई मामलों को लेकर भी पिछले साल चर्चाओं में छाये रहे। वे योगी सरकार की कई नीतियों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
जब उनको पुलिस ने गिरफ्तार किया था तब खुद अमिताभ ठाकुर ने तथा उनकी वकील पत्नी नूतन ठाकुर ने खुला आरोप लगाया था कि सरकार और उनके अफसर बदले की भावना से काम कर रहे हैं और यह गिरफ्तारी एक साजिश है।
रिहाई के बाद अमिताभ ठाकुर के समर्थकों में खुशी की लहर है।
यूपी के पूर्व आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को काफी जुझारू माना जाता रहा है और सरकार की आलोचना करने के लिये जाना जाता है। इनकी गिरफ्तारी के बाद मामले ने काफी तूल पकड़ा था। कई लोगों ने अमिताभ ठाकुर के पक्ष में भी आवाज उठायी थी।
अमिताभ ठाकुर पर बलात्कार के आरोपी सांसद अतुल राय को बचाने और वाराणसी की रेप पीड़िता के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र रचकर उसे खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप लगा था।
राजधानी लखनऊ की हजरतगंज पुलिस ने रेप से जुड़े इसी मामले में 27 अगस्त 2021 को अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब उनकी गिरफ्तारी का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल भी हुआ। पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद अमिताभ ठाकुर को जैसे-तैसे गिरफ्तार किया था। अमिताभ ठाकुर ने अपनी इस गिरफ्तारी को लेकर पुलिस और सिस्टम पर बड़े सवाल उठाये।
अमिताभ ठाकुर को दो दिन पहले हाईकोर्ट के न्यायाधीश राजीव सिंह ने जमानत दी। अमिताभ ठाकुर के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में मामला दर्ज हुआ था। अमिताभ ठाकुर सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं और सरकार की नीतियों को लेकर बेबाक राय रखने के लिये भी चर्चा में बने रहते हैं।
Published : 17 March 2022, 12:46 PM IST
Topics : अमिताभ ठाकुर आईपीएस अफसर जमानत जेल रिहाई रेप आरोपी लखनऊ
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