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नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह राजद्रोह पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जनवरी में सुनवाई करेगा।
केंद्र सरकार ने राजद्रोह कानून को निष्प्रभावी करने समेत अन्य प्रस्ताव के साथ उपनिवेश कालीन कानूनों की जगह लेने के लिए विधेयक कुछ महीने पहले संसद में पेश किया था।
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि वह मामले में सुनवाई के लिए एक उचित पीठ का गठन करेंगे।
न्यायालय ने अधिवक्ताओं प्रसन्ना एस और पूजा धर को सुनवाई से पहले ‘केस लॉ’ और अन्य वैधानिक सामग्री जुटाने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया।
शीर्ष अदालत ने पहले केंद्र सरकार के इस अनुरोध को मानने से मना कर दिया था कि याचिकाओं को एक बड़ी पीठ को भेजे जाने के फैसले को टाला जाए क्योंकि संसद आईपीसी के प्रावधानों को पुन: लागू कर रही है और एक विधेयक स्थायी समिति को भेजा गया है।
Published : 22 November 2023, 6:05 PM IST
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