DN Exclusive: महराजगंज और अयोध्या राम मंदिर का जानिये ये खास नाता, राधेश्याम और राजकुमार पहुंचे थे आजमगढ़ जेल

अयोध्या राम मंदिर में राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों के बीच डाइनामाइट न्यूज़ आपका परिचय महराजगंज के उन खास लोगों से करवा रहा है, जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन में भाग लिया। पढें डाइनामाइट न्यूज की ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

Updated : 9 January 2024, 3:39 PM IST
google-preferred

महराजगंज: अयोध्या राम मंदिर में 22 जनवरी को राम लला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होना है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए जनपद के लेहडा मंदिर के महंत को भी निमंत्रण भी मिला है। अयोध्या में होने वाले इस भव्य समारोह की तैयारियों ने राम मंदिर आंदोलन की यादों को भी ताजा कर दिया है।

राम मंदिर आंदोलन में भागीदारी

डाइनामाइट न्यूज़ की इस विशेष रिपोर्ट में आज हम आपको जनपद के ऐसे दो विशेष लोगों से मिलवा रहे है, जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन में भाग लेकर एक तरह से महराजगंज को भी गौरवान्वित करने का काम किया। आज राम मंदिर निर्माण पूरा होने के साथ इन लोगों का संकल्प भी लाखों लोगों के साथ एक तरह से पूरा हो गया।

राधेश्याम पटेल और राजकुमार की कहानी

डाइनामाइट न्यूज की टीम ने राम मंदिर निर्माण आंदोलन में भाग लेने वालों के बारे में जानकारी जुटाई। इस दौरान सक्सेना नगर के 69 वर्षीय राधेश्याम पटेल और 57 वर्षीय राजकुमार के राम मंदिर आंदोलन के किस्से उजागर हुए। 

 

आजमगढ़ जेल में काटी सजा

राम मंदिर बनाने का संकल्प लेकर महराजगंज निवासी राधेश्याम पटेल और राजकुमार ने वर्ष 1991 में आजमगढ में जेल की सजा तक काटी। 

आंखें छलक पडी

डाइनामाइट न्यूज ने राधेश्याम पटेल से राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का प्रश्न किया, उनकी आंखें छलक पडी।

राजकुमार

बालू और गंगाजल से लिया था संकल्प

उन्होंने नम आंखों से बताया कि वे वर्ष 1968 से आरएसएस का कार्यकर्ता और काफी वर्षों तक व्यवस्था प्रमुख भी रहा हूं। उन्होंने कहा "अक्टूबर 1984 का वह दिन मैं आज भी नहीं भूला पाया हूं, जब सरयू तट पर बालू और गंगाजल लेकर उन्होंने राम मंदिर निर्माण तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया था"।

सजा के बावजूद भी दृढ संकल्प

उन्होंने बताया कि वर्ष 1991 में केन्द्रीय विद्यालय आजमगढ स्थित जेल में एक माह की मुझे सजा भी हुई थी। बावजूद दृढ संकल्प के साथ हम लोग वर्ष 1992 में भी अपनी सक्रिय भागीदारी करते रहे।

सपना जो हो रहा सच

आज भव्य राम मंदिर की परिकल्पना साकार हो गई है, मुझे खुशी इस बात की है कि अपने जीवनकाल में ही मैंने सपने को सच होता देख पाया हूं। आज भी संघ के कार्यक्रमों में शामिल होता हूं। 

राधेश्याम पटेल

डाइनामाइट न्यूज की टीम जब मउ पाकड दुर्गा मंदिर स्थित एक दुकान पर बैठे 57 वर्षीय राजकुमार के पास पहुंची तो वे भी भावुक हो उठे। 

22 जनवरी को मनाएंगे दीपावली

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता को राजकुमार ने बताया कि अंतराष्टीय स्तर पर हमारा राम मंदिर का सपना आज सच हुआ, इसकी अपार खुशी के कारण 22 जनवरी के सुनहरे दिन को जिले में दीपावली की तरह मनाया जाएगा।

रामलला के दर्शन के लिए जाएंगे अयोध्या 

राजकुमार कहते हैं "40 वर्षों से आरएसएस का कार्यकर्ता रहा हूं। वर्ष 1984 में बालू गंगाजल के संकल्प को आज अपने जीवित रहते साकार होता देख काफी गदगद महसूस कर रहा हूं। 22 जनवरी प्राण प्रतिष्ठा के बाद मैं अपने रामलला के दर्शन करने अयोध्या जाउंगा"।    

Published : 
  • 9 January 2024, 3:39 PM IST

Advertisement
Advertisement