Vikas Dubey Encounter: कैसे हुआ दुर्दांत विकास दुबे का अंत, कितनी गोलियां मारी गयी, देखें यहां..

डीएन ब्यूरो

कानपुर कांड के मास्टरमाइंड और मोस्ट वांटेड अपराधी विकास दूबे का अंत हो चुका है। यूपी एसटीएफ ने फरार होते हुए इस अपराधी को गोली मारी, जिससे इसकी मौत हो गयी। जानिये, उसके अंत की पूरी कहानी..

मठभेड़ स्थल पर मौजूद पुलिस
मठभेड़ स्थल पर मौजूद पुलिस

कानपुर: चौबेपुर थाना के बिकरु गांव में पुलिस हत्याकांड में मोस्ट वांटेड अपराधी विकास दुबे को यूपी एसटीएफ द्वारा आज एक मुठभेड़ में मार गिराया गया।  उज्जैन से कानपुर लाते समय उसने पुलिसवालों के हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। मुठभेड़ में मारे गये गैंगस्टर विकास दूबे की रिपोर्ट भी सामने आ चुकी है, जिसमें उसकी मौत होने के कारणों का खुलासा किया गया है।

पुलिस की गोली लगने के बाद विकास दूबे को लाला लाजपत राय हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इस अपराधी को मृत घोषित किया। अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. आरबी कमल ने बताया कि विकास दुबे को कुल चार गोलियां लगी थी, जिसमें से सीने पर तीन और हाथ में एक गोली लगी थी। सीने में गोली लगने के कारण उसकी मौत हुई। 

इस मुठभेड़ में तीन पुलिस कर्मी भी घायल हो गये। घायल पुलिस कर्मियों की हालत स्थिर है। 

मुठभेड़ में मारे गये गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर का अब पोस्टमॉर्टम की तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, विकास दुबे का पोस्टमॉर्टम से पहले कोरोना टेस्ट किया जाएगा। डॉक्टरों की टीम उसकी बॉडी से कोरोना सैंपल लेगी और जांच करेगी।

कानपुर के बिकरु गांव में दो जुलाई की रात को आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला उत्तर प्रदेश का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर विकास दुबे इस हत्याकांडे के बाद से फरार चल रहा था, जिसे 6 दिन बाद कल गुरुवार सुबह उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से पकड़ा गया। छह दिन की तलाश के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। सुबह गिरप्तारी के बाद उसे शाम को यूपी पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड पर लिया और मध्य प्रदेश से यूपी के निकली। लेकिन कानपुर से ठीक पहले पुलिस से हथियार छीनकर भागने की कोशिश कर रहे विकास दुबे को पुलिस ने गोली मारी, जिससे उसकी मौत हो गयी।  
 








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