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कानपुर: उर्सला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का एक और बड़ा मामला सामने आया है। उर्सला अस्पताल में सांस की बीमारी और बुखार से जूझ रहे 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते हो गयी। परिजनों ने डॉक्टर्स पर आरोप लगाते हुए कहा कि डाक्टरों ने 2 घण्टे तक इलाज के लिये भटकाया लेकिन एडमिट नहीं किया। इसी के चलते मरीज की मौत हो गयी।
डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत में श्यामनगर निवासी संजीत कुमार ने बताया कि वह सुबह 10 बजे वह अपने पिता को सांस की बीमारी और बुखार के इलाज के लिये उर्सला स्पताल ले गये। वहां पर्चा बनवाने के बाद उन्हें 2 घंटे तक भर्ती नहीं किया गया और इलाज के लिये इधर-उधर भगाते रहे। बाद में मरीज को 4 नंबर इमरजेंसी ले जाने के लिये कहा गया। वहां डॉ. नासिर ने मरीज़ को भर्ती करने से मना कर दिया और बीमार को वापस ले जाने को कहा। जिसके बाद मरीज की मौत हो गयी।
डाक्टर ने किया इंकार
डाइनामाइट न्यूज़ ने इस पूरे मामले पर जब डॉ. नासिर से बात की तो उन्होंने यह कहते हुए साफ इंकार कर दिया कि यहां ऐसा कोई मरीज यहां आया ही नहीं। उनका कहना है कि मरीज को यहां लाया ही नहीं गया। इमरजेंसी वार्ड में सीरियस पेशेंट को हम पहले देखते हैं।
Published : 7 September 2017, 2:30 PM IST
Topics : अस्पताल उत्तर प्रदेश उर्सला अस्पताल कानपुर डाक्टर तीमारदार परिजन मरीज मौत
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