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जम्मू: कुपवाड़ा से डीडीसी चुनाव लड़ रही सोमाया लतीफ की कहानी इस चुनाव में खड़े सैकड़ों प्रत्याशियों से काफी अलग है। डीडीसी चुनाव में उसका चुनाव निशान लेपटॉप हैं और वह अमन व विकास पर अपना ध्यान फोकस किये हुए हैं। लेकिन बतौर उम्मीदवार उसकी कहानी कई लोगों से जुदा है।
सोमाया लतीफ एलओसी के उस पार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर मुजफ्फराबाद की मूल निवासी हैं। इसके अलावा वह हथियार डाल चुके एक पूर्व आतंकी की पत्नी हैं। लेकिन अब वह चुनावों में किस्मत आजमाकर लोगों को विकास की मुख्य धारा में जोड़ना चाहती है। वह अमन का पैगाम देने के साथ स्थानीय युवाओं से अपना कारोबार शुरू करने की अपील भी करतीं है।
दरसअसल 90 के दशक में सीमा पार कर गए नौजवानों को वापस लाने के लिये सरकार द्वारा तलाई गयी एक मुहिम के तहत सोमाया लतीफ भी इस पार भारत में आ गयीं थीं। जम्मू और कश्मीर की तत्कालीन उमर अब्दुल्ला सरकार के नेतृत्व चली रिहैबिलिटेशन नीति के तहत सोमाया के पति ने सरेंडर कर हथियार डाल दिये थे। इस कथित आंतकवादी ने उस समय मुजफ्फराबाद में एक कश्मीरी युवती से शादी की थी। जिसके बाद सरकार की इस रिहैबिलिटेशन नीति के तहत वे इस पार भारत आ गये।
सोमिया लतीफ अब जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा से डीडीसी की उम्मीदवार हैं और वह चाहती हैं कि वह जीतकर लोगों की सेवा करें और अपने इलाके में विकास लाएं। वह हर किसी को अमन का पैगाम देती हैं और युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिये प्रेरित करती हैं।
Published : 3 December 2020, 4:04 PM IST
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