राजस्थान में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, हादसों में सात लोगों की मौत

पूर्वी और मध्य राजस्थान के कई हिस्सों में सोमवार को अति भारी मानसूनी बारिश से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश से सड़क, रेल पटरियों, निचले आवासीय इलाकों और यहां तक कि अस्पतालों में भी पानी भर गया।

Updated : 11 July 2023, 8:40 AM IST
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जयपुर: पूर्वी और मध्य राजस्थान के कई हिस्सों में सोमवार को अति भारी मानसूनी बारिश से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश से सड़क, रेल पटरियों, निचले आवासीय इलाकों और यहां तक कि अस्पतालों में भी पानी भर गया।

अधिकारियों के अनुसार, सोमवार शाम तक के चौबीस घंटों में राज्य में बारिश जनित विभिन्न घटनाओं में सात वर्षीय लड़के सहित सात लोगों की मौत हुई है। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी करीब एक दर्जन जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है।

आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के सचिव पी.सी. किशन ने बताया कि सिरोही, अजमेर, पाली और करौली जिलों के इलाकों में बहुत भारी बारिश हुई लेकिन बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है।

मौसम विभाग के अनुसार जयपुर, जालौर, भरतपुर, उदयपुर और अजमेर समेत 10 जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई। आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के अधिकारी ने बताया कि बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है।

जयपुर मौसम केन्द्र के अनुसार, सोमवार सुबह समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान सिरोही के माउंट आबू में सबसे अधिक 231 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई। सिरोही, अजमेर, पाली, करौली, जयपुर, जालौर, टोंक और सीकर में कई स्थानों पर लोगों को जलजमाव का सामना करना पड़ा।

जयपुर स्थित राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मान सिंह अस्पताल और अजमेर के जेएलएन अस्पताल के कई वार्ड में भी बारिश का पानी घुस गया। अजमेर और सीकर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे पटरियों पर पानी भर गया। टोंक में निचले इलाकों में घरों में पानी घुस गया।

मौसम विभाग ने मंगलवार को बारां, बूंदी, डूंगरपुर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़ और सवाई माधोपुर में भारी बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया है। राज्य में 33 जिले हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे तक सिरोही के आबू रोड में 160 मिमी, अजमेर में 137 मिमी, पाली के बनिवास में 128 मिमी और करौली के मासलपुर में 120 मिमी, जयपुर में सांभर तथा जालोर में बागोड़ा में 99-99 मिमी और टोंक में 98 मिमी बारिश दर्ज की गई।

इसके अनुसार, सोमवार सुबह से शाम तक सिरोही में सबसे अधिक 62.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद डबोक (उदयपुर) में 61.9 मिमी बारिश हुई।

राजधानी जयपुर में सोमवार को कई इलाकों में जलभराव के कारण वाहन चालकों को यातायात जाम का सामना करना पड़ा। जयपुर में सोमवार शाम तक 51.8 मिमी बारिश हुई।

जयपुर कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने जलभराव से जूझ रहे इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने सीकर रोड, ढेर के बालाजी, निवारू रोड, झोटवाड़ा, पांच्यावाला, सिरसी रोड, गिरधारीपुरा, अजमेर रोड और जवाहर नगर का निरीक्षण किया।

प्रकाश राजपुरोहित ने जयपुर हेरिटेज नगर निगम एवं जयपुर ग्रेटर नगर निगम, जयपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों में जल निकासी की समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के साथ ही सुरक्षात्मक उपाय कर जनता को राहत पहुंचाने के निर्देश दिये।

विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी के अनुसार, बारिश जनित हादसों से राज्य में बीते चौबीस घंटे में सात लोगों की मौत हुई है। जयपुर के मुरलीपुरा इलाके में सात वर्षीय ऋषि सोमवार को एक नाले में उस समय बह गया जब उसने अपनी चप्पल निकालने की कोशिश की। शव को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

अजमेर में राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के एक अधिकारी की रविवार रात अलवर गेट थाना क्षेत्र में उफनाए नाले में डूबने से मौत हो गयी। थाना प्रभारी श्याम सिंह ने बताया कि दिलीप सिंह का शव सोमवार को बरामद हुआ।

सोमवार को अजमेर जिले के विजय नगर क्षेत्र में 40 वर्षीय महिला गुलाबी देवी और उनकी बेटी मीना (15) दुर्घटनावश एक तालाब में गिर गईं। हादसे में दोनों की मौत हो गई।

पुलिस ने बताया कि नागौर जिले के गच्छीपुरा इलाके में मनीष और रवि (लगभग 30 वर्ष) नाम के दो व्यक्ति रविवार शाम को एक तालाब में डूब गए थे। सोमवार को पोस्टमॉर्टम कराया गया और शव परिजन को सौंप दिये गये।

टोंक जिले में 17 वर्षीय अयान खान सोमवार शाम को नहाते समय तालाब में डूब गया। एसडीआरएफ की एक टीम ने शव को बरामद किया।

उत्तर पश्चिम रेलवे के अनुसार, सरहिंद-नांगल बांध, चंडीगढ़-साहनेवाल, सहारनपुर-अंबाला और अंबाला-दिल्ली के रेल खंडों में पानी भरने के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे ने 18 ट्रेन रद्द कर दीं और सात ट्रेन आंशिक रूप से रद्द कर दी गईं।

जो ट्रेन रद्द/आंशिक रूप से रद्द की गईं, वे श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, अजमेर और बाड़मेर सहित राजस्थान के गंतव्यों को ऋषिकेश, जम्मू तवी, चंडीगढ़, अमृतसर, बठिंडा, भिवानी से जोड़ती हैं।

एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक अचल शर्मा ने बताया कि अस्पताल के कुछ वार्ड में बारिश का पानी घुस गया। उन्होंने बताया कि मरीजों को दूसरे वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया और पानी साफ किया गया।

 

Published : 
  • 11 July 2023, 8:40 AM IST

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