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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए गैंगरैप ने पूरे देश को झकझोड़ कर रख दिया है। यह मामला काफी तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले पर अब जो चौकाने वाला खुलासे हुए है जिसे जानकर आप भी हैरत में पड़ जायेंगे। डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट में पढ़ें क्या है पूरा मामला..
दरअसल हाथरस केस में इंटेलिजेंस एजेंसियों के हाथ एक बड़ा सबूत लगा है जिसमें यूपी के सीएम योगी सरकार को बदनाम करने की साजिश रची जा रही थी जिसके लिए कुछ राष्ट्रविरोधी तत्वों ने अमेरिका की तर्ज पर रातों रात जस्टिस फॉर हाथरस विक्टिम के नाम से एक वेबसाइट बना डाली। इतना ही नहीं इस वेबसाइट के जरिए गलत सूचनाएं फैलाए जा रही थी जिससे की माहौल को और ज्यादा बिगाड़ा जा सके।

बताया जा रहा है कि इस वेबसाइट में फर्जी आईडी के जरिए कोफी लोगों को जोड़ा गया है। जैसे ही इस बात की जानकारी यूपी सरकार को लगी वैसे ही जांच एजेंसियों की इसकी खबर कर दी गई। जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसते ही रातों रात इस वेबसाइट को बंद कर दी गई है। वहीं जांच एजेंसियों को वेबसाइट की डिटेल्स और पुख्ता जानकारी भी मिली है। यह भी बताया जा रहा है कि इस वेबसाइट को इस्लामिक देशों से फंडिंग की जा रही थी। इतना ही नहीं वेबसाइट बनाने में पीएफआई और एसडीपीआई की भूमिका भी सामने आ रही है।
Published : 5 October 2020, 10:39 AM IST
Topics : अफवाह खुफिया एजेंसी दंंगा यूपी सरकार साजिश हाथरस कांड
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