हिंदी
नई दिल्ली: जस्टिस पीसी घोष को देश का पहला लोकपाल चुना गया है। पीसी घोष का पूरा नाम पिनाकी चंद्र घोष है। वह सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस रह चुके हैं। सूत्रों के अनुसार जस्टिस घोष के नाम का आधिकारिक तौर पर ऐलान सोमवार को किया जाएगा। पीसी घोष वर्तमान में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य हैं।
गौरतलब है कि लोकपाल और लोकायुक्त नियुक्त करने को लेकर लगातार आवाजें उठती रही हैं। अन्ना हजारे ने यूपीए के शासन काल में लोकपाल को लेकर धरना भी दिया था। उनके साथ इस मुहिम में अरविंद केजरीवाल टीम भी थी। धरना प्रदर्शन और तमाम हंगामे के बावजूद लोकपाल की नियुक्ति नहीं की जा सकी थी।
बता दें कि 2014 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद से भी अन्ना हजारे समय समय पर सरकार को इस संदर्भ में चिठ्ठी लिखते रहे हैं। कुछ दिन पहले ही उन्होंने दिल्ली में धरना शुरू किया था जिसके बाद सरकार ने उन्हें आश्वान दिया था कि जल्द ही लोकपाल की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद उन्होंने अपना धरना खत्म कर दिया था। हालांकि, केंद्र की मोदी सरकार पांच साल के कार्यकाल के आखिर में लोकपाल की नियुक्ति करने जा रही है।
हालांकि अभी तक लोकपाल नियुक्ति पर अन्ना हजारे की कोई प्रतिक्रिया नहीं सामने आई है। लेकिन उम्मीद की जा रही है उन्हें सरकार के इस कदम से संतोष मिलेगा। गौरतलब है कि साल 2013 में लोकपाल व लोकायुक्त विधेयक पास किया गया था। 16 जनवरी 2014 को ये विधेयक लागू हुआ था।
Published : 17 March 2019, 2:20 PM IST
Topics : पीसी घोष पूर्व जज लोकपाल लोकायुक्त विधेयक सुप्रीम कोर्ट
No related posts found.