
रायबरेली: जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी मोहन त्रिपाठी ने बताया है कि जनपद रायबरेली में ऐसे दिव्यांग बच्चे जो मूक बधिर व मानसिक दिव्यांगता से ग्रस्त है, उनकी चिकित्सीय परीक्षण के लिये लखनऊ जाना पड़ता था। जिस कारण उन्हें अत्यधिक असुविधा का सामना करना पड़ता था।
मोहन त्रिपाठी ने जानकारी दी कि मुख्य विकास अधिकारी अर्पित उपाध्याय की पहल पर तथा मुख्य चिकित्साधिकारी रायबरेली एवं चिकित्सा अधीक्षक एम्स रायबरेली के सहयोग से जनपद स्थित एम्स में जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के समन्वय से प्रत्येक सोमवार को ऐसे 536 दिव्यांग बच्चों का चिकित्सीय परीक्षण अब एम्स रायबरेली में प्रत्येक सोमवार को किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि इसके लिये प्रत्येक ब्लॉक के खण्ड शिक्षा अधिकारी एवं स्पेशल एजूकेटर को बच्चों को लाने के लिये निर्देशित किया गया है।
उन्होंने बताया कि ऐसे बच्चों को परीक्षण उपरांत मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में दिव्यांग प्रमाण पत्र निर्गत किया जायेगा। जिसके क्रम में 20 जनवरी से अभियान चला कर उक्त कार्य प्रारम्भ हो गया है।
इस प्रकार मानसिक मंदित एवं श्रवण बाधित (मूक बधिर) दिव्यांगों के दिव्यांग प्रमाण पत्र एम्स रायबरेली में परीक्षण की सुविधा प्रारम्भ हो गयी है।
Published : 20 January 2025, 6:44 PM IST
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