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कोटद्वार: उत्तराखंड के पौड़ी जिले की एक स्थानीय अदालत ने तीन साल पहले एक बालिका का अपहरण कर उसकी हत्या करने वाले युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई ।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार पौड़ी के विशेष सत्र न्यायाधीश (पोक्सो अधिनियम) आशीष नैथानी ने पदम थापा को नौ वर्षीया बालिका का अपहरण करने और उसकी हत्या कर उसके शव को झाड़ियों में फेंकने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 364 201 एवं 302 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई ।
अदालत ने दोषी पर 75 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। मामले में एक सहआरोपी भी था लेकिन साक्ष्य के अभाव में अदालत ने उसे दोषमुक्त करार दिया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि कोटद्वार में पांच अगस्त 2019 की शाम लगभग सात बजे बालिका अचानक अपने घर से लापता हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चलने पर अगले दिन उसके पिता ने पुलिस में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई ।
उन्होंने बताया कि गुमशुदा की तलाश के लिए गठित पुलिस टीम ने सीसीटीवी कैमरो तथा कई लोगों के बयानों के आधार पर थापा को पूछताछ के लिए बुलाया जहां उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
उसने बताया कि उसने एक अन्य साथी के साथ मिलकर बालिका को बहला-फुसलाकर उसके घर से बुलाया और बाद में उसकी हत्या कर उसके शव को झाड़ियों में फेंक दिया ।
बाद में, दोनों युवकों की निशानदेही पर घटनास्थल से बालिका का कंकाल भी बरामद हो गया था। उसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में बरामद कंकाल और बालिका के माता—पिता के डीएनए का मिलान हो गया ।
अभियोजन पक्ष में मामले में 35 गवाह पेश किए। हांलांकि, दूसरे आरोपी के विरुद्ध साक्ष्य न मिलने कारण न्यायालय ने उसे बरी कर दिया ।
न्यायालय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी को मृतका के परिवार को प्रतिकर दिलवाए जाने हेतु भी निर्देशित किया ।
Published : 21 April 2023, 12:41 PM IST
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