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चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। ब्रह्मचारिणी माँ दुर्गा की दूसरी अवतार हैं। डाइनामाइट न्यूज की इस खास रिपोर्ट में पढ़िए मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विधि-विधान
नई दिल्ली: बुधवार को चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी को नवदुर्गा की दूसरी अवतार माना जाता है और उनकी पूजा का करने से माता की सभी भक्तों पर अति कृपा होती है।
हिंदू मान्यताओं के अनुसार ऐसा माना जाता है कि मां ब्रह्मचारिणी को हरा रंग काफी पसंद है। इसलिए नवरात्रि के दूसरे दिन हरे रंग का वस्त्र धारण कर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-पाठ करने से मां की विशेष कृपा होती है।
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि
1. मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने के लिए कुछ सामग्री की आवश्यकता होती है। सुबह शुभ मुहूर्त में मां दुर्गा की उपासना करें और मां की पूजा में पीले या सफेद रंग के वस्त्र का उपयोग करें।
2. मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के लिए धूप, दीप, फूल, अक्षत, नैवेद्य, और फलों की सामग्री की तैयारी करें।
3. माता का सबसे पहले पंचामृत से स्नान कराएं, इसके बाद रोली, अक्षत, चंदन आदि अर्पित करें।
4.नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में गुड़हल या कमल के फूल का ही प्रयोग करें और मां ब्रह्मचारिणी को दूध से बनी चीजों का ही भोग लगाएं।
5.इसके साथ ही माता के मंत्र या जयकारे लगाए।
6.इसके बाद घी और कपूर से बने दीपक से माता की आरती उतारें और दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
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