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लखनऊ: रायबरेली में जघन्य हत्याकांड हुआ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जा सकता। यह कहना है भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के मशहूर अधिवक्ता अजय अग्रवाल का।
रायबरेली के ऊंचाहार तहसील के अप्टा गाँव में हुए 5 लोगों की नृशंस हत्याकांड के मामले पर अग्रवाल ने राज्यपाल को एक पत्र सौंपा और कहा कि इस हत्याकांड होने के बाद विपक्षी विधायक व अन्य नेता आपस में एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाकर इसको एक वर्ग संघर्ष का रूप देना चाहते हैं। इस कारण रायबरेली सहित पूरे प्रदेश में अच्छा संदेश नही गया है। शुरुआत में पुलिस तथा मेडिकल जांच में परस्पर विरोधी तथ्य बताये गए थे। शुरू में पुलिस द्वारा दिया गया बयान कि उक्त सभी लोग अपराधी थे तथा अपराध करने के लिये गए थे तथा इन लोगों की जान एक बिजली के खम्बे से टकराने के कारण उनकी स्कार्पियो गाड़ी में आग लगने से हुई जबकि अखबारों में आये समाचार के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया कि एक व्यक्ति के पैर से गोली निकली तथा कुछ के शवों पर चोट के निशान पाए गये। इस सब के कारण एक संशय की स्थिति बनी हुई है।
अग्रवाल ने राज्यपाल से कहा कि ऐसी परिस्थिति में सीबीआई ही इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी कर सकती है। राम नाईक ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे इस पत्र को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संदर्भित करेंगे।
Published : 9 July 2017, 10:47 PM IST
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