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नई दिल्ली: शराबबंदी वाले राज्य में बिहार में में हुई जहरीली शराब को लेकर मौतों का सिलसिला जारी है। बिहार के छपरा, सीवान और बेगूसराय में जहरीली शराब के कारण 60 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना ने बिहार ही नहीं पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई जारी है।
इस बीच जहरीली शराब त्रासदी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में मुख्य न्यायाधीश के समक्ष तत्काल सुनवाई का भी उल्लेख किया है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा है कि वह इस मुद्दे को देखेंगे और इसे सूचीबद्ध करेंगे।
गैरसरकारी संगठन आर्यावर्त महासभा फाउंडेशन ने बिहार में छपरा जहरीली शराब त्रासदी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। बिहार में जहरीली शराब त्रासदी की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने का अनुरोध करने वाली एक याचिका उच्चतम न्यायालय में दायर की गई है। हालांकि जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है।
शीर्ष अदालत में दायर याचिका में अवैध शराब के निर्माण, व्यापार और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए एक स्वतंत्र जांच और कार्य योजना तैयार करने की मांग की गई है। पीआईएल में पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग भी की गई है।
इस याचिका में जहरीली शराब से हुई मौतों की एसआईटी (विशेष जांच दल) से जांच कराने तथा अवैध शराब के निर्माण, कारोबार और बिक्री पर पर अंकुश लगाने के लिए कार्य योजना तैयार करने की मांग को लेकर उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
शीर्ष न्यायालय में पेश जनहित याचिका में कहा गया है कि केंद्र को बिहार जहरीली शराब त्रासदी की एसआईटी जांच कराने और पीड़ित परिवार के सदस्यों को उचित मुआवजा देने से पहले अवैध शराब के निर्माण, व्यापार और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए एक राष्ट्रीय कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया जाना चाहिए।
Published : 16 December 2022, 5:59 PM IST
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