गोरखपुर से बड़ी खबर: भाजपा सांसद कमलेश पासवान पर डकैती का मुकदमा

डीएन संवाददाता

गोरखपुर शहर से एक बड़ी खबर डाइनामाइट न्यूज़ पर इस समय आ रही है। भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर बांसगांव संसदीय सीट से लगातार तीसरी बार चुनाव जीते सांसद कमलेश पासवान पर उन्हीं की सरकार में डकैती का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्यवाही से हड़कंप मचा हुआ है। पूरी खबर:

सांसद कमलेश पासवान
सांसद कमलेश पासवान

गोरखपुर: शहर के बीचो-बीच छात्रसंघ चौराहे पर स्थित पैनेशिया हास्पीटल के संचालन, प्रबंधन और स्वामित्व ने अब विकराल रुप धारण कर लिया है।

भाजपा सांसद कमलेश पासवान का विपक्षियों के साथ लंबे समय से मालिकाना हक का विवाद न्यायालय में चल रहा है लेकिन बीते 22 जून को दोनों पक्ष आमने-सामने आ गये। 

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक सोमवार को अस्पताल पर मालिकाना हक का दावा करते हुए पक्ष और विपक्ष एक साथ अस्पताल में पहुंच गए। दोनों पक्षों में जमकर विवाद, गाली-गलौज हुई फिर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामूली 107/ 116 की कार्यवाही कर मामले को रफा-दफा कर दिया।

इस बीच मामले में नया मोड़ कल रात आया जब पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।

भाजपा सांसद कमलेश पासवान और उनके साथी अस्पताल के निदेशक मंडल के सदस्य डॉ. प्रमोद सिंह समेत आधा दर्जन नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ विजय कुमार पांडेय की तहरीर पर डकैती समेत तमाम संगीन धाराओं में एफआईआर पंजीकृत करायी गयी है तो वहीं कैंट पुलिस ने सांसद की तहरीर पर दूसरे पक्ष के 8 नामजद व 50 अज्ञात पर बलवा, मारपीट और SCST एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। 

सांसद पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने विजय कुमार पांडेय के अलावा गोपाल मद्धेशिया, आनंद सिंह, अशोक मद्धेशिया, रवि प्रकाश श्रीवास्तव, गोविंद प्रसाद और अमृश राय तथा 50 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। 

सांसद के विधायक भाई का बयान 

इधर सांसद के भाई और भाजपा विधायक विमलेश पासवान ने कहा है कि पुलिस पीड़ित के उपर ही मुकदमा दर्ज कर अन्याय कर रही है। ये सब कमलेश की छवि खराब करने की साजिश है जो व्यक्ति एक बार विधायक और लगातार तीन बार सांसद हो, उस पर उपर डकैती जैसी गंभीर धारा में FIR पंजीकृत करके आखिर पुलिस साबित क्या करना चाहती है?  

विवाद के बाद अस्पताल सील

जिला प्रशासन के कब्जे के विवाद को देखते हुए फिलहाल अस्पताल को सील कर दिया है। अस्पताल का विवाद एनसीएलटी में चल रहा है। 

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