हिंदी
नई दिल्ली: भाई दूज का त्योहार पूरे देश में आज बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। भैया दूज पर बहनें भाइयों को तिलक लगाकर दीर्घायु और यशस्वी होने की कामना करती हैं और भाई रक्षा का वचन देते हैं।
ज्योतिष की माने तो पौराणिक प्रसंग के अनुसार भैयादूज का पर्व यमराज (काल) और उनकी बहन यमुना के स्नेह का प्रतीक है। यमराज सूर्य के पुत्र और शनि के भाई हैं। इस दिन वह यमलोक छोड़कर बहन यमुना से मिलने यमनोत्री पहुंचते हैं। इसीलिए इस पावन मौके पर यमलोक के द्वार बंद रहते हैं। इस पर्व को हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितिया तिथि के दिन मनाया जाता है।
धर्म ग्रंथों के अनुसार, इस दिन यमुना ने अपने भाई यम को घर पर आमंत्रित किया था और स्वागत सत्कार के साथ टीका लगाया था तभी से यह त्योहार मनाया जाता है। इस पर्व को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है।
भैया दूज का शुभ मुहूर्त
भैया दूज मनाने का शुभ मुहूर्त 1.08 बजे से शाम 4.36 मिनट तक है।
तिलक करते समय पढ़े ये मंत्र
गंगा पूजा यमुना को, यमी पूजे यमराज को
सुभद्रा पूजे कृष्ण को गंगा यमुना नीर बहे मेरे भाई आप बढ़ें फूले फलें
Published : 21 October 2017, 10:48 AM IST
Topics : कार्तिक मास भाई भाई बहन भैया दूज शुक्ल पक्ष शुभ मुहूर्त
No related posts found.