बीबीसी वृत्तचित्र: आइसा का आरोप-डीयू की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन पर कई छात्र हिरासत में लिए गए

बीबीसी के विवादास्पद वृत्तचित्र के प्रदर्शन को लेकर दो छात्रों को निष्कासित किए जाने का विरोध कर रहे कई छात्रों ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कला संकाय के अंदर पुलिस और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की।

Updated : 24 March 2023, 5:18 PM IST
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नई दिल्ली: बीबीसी के विवादास्पद वृत्तचित्र के प्रदर्शन को लेकर दो छात्रों को निष्कासित किए जाने का विरोध कर रहे कई छात्रों ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कला संकाय के अंदर पुलिस और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की।

विश्वविद्यालय के अधिकारियों की ‘‘कठोर’’ कार्रवाई के विरोध में छात्र अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। छात्रों ने दावा किया है कि विरोध प्रदर्शन से पहले विश्वविद्यालय के कला संकाय के अंदर भारी पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती थी।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के दिल्ली अध्यक्ष अभिज्ञान ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘डीयू से दो छात्रों को निष्कासित किए जाने के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्रों को दिल्ली पुलिस और डीयू के सुरक्षाकर्मियों ने पीटा और हिरासत में लिया। करीब 25 छात्रों को हिरासत में लिया गया है।’’

सूत्रों के मुताबिक, कई छात्रों को बुराड़ी थाने ले जाया गया है। आइसा की डीयू सचिव अंजलि ने कहा, ‘‘दो छात्रों को निष्कासित करने के मनमाने नोटिस के खिलाफ कला संकाय में एकत्र हुए छात्रों से बेरहमी से मारपीट की गई और उन्हें हिरासत में लिया गया। यह पुलिस, भाजपा-आरएसएस समर्थित कॉलेज प्रशासन के सांठगांठ को उजागर करता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम इस तरह के कदमों पर चुप नहीं रहेंगे। हम परिसर के लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रदर्शन करेंगे। इस नोटिस को वापस लिए जाने तक विरोध जारी रहेगा।’’

आइसा कार्यकर्ताओं द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में विश्वविद्यालय के सुरक्षा बलों को छात्रों को मौके से घसीटकर हटाते और धकेलते देखा जा सकता है। दिल्ली विश्वविद्यालय ने परिसर में 2002 के गोधरा दंगों पर ‘द मोदी क्वेश्चन’ नामक बीबीसी वृत्तचित्र की स्क्रीनिंग में कथित रूप से भाग लेने पर एक वर्ष के लिए कांग्रेस छात्र विंग के नेता सहित दो छात्रों को निष्कासित कर दिया है।

10 मार्च के ज्ञापन के अनुसार इस अवधि के दौरान छात्रों को किसी भी विश्वविद्यालय या कॉलेज या विभागीय परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारी ने और छात्रों को दंडित करने का संकेत देते हुए कहा कि 27 जनवरी की घटना में कथित रूप से शामिल छह अन्य छात्रों को ‘‘कम सख्त’’ सजा दी गई है।

Published : 
  • 24 March 2023, 5:18 PM IST

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