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आजमगढ़: जनपद की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी से मिलने का वक्त सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने लिया था, इसके बाद सपा के वरिष्ठ नेताओं को एक प्रतिनिधिमंडल आज दोपहर 12 बजे डीएम के कार्यालय पहुंचा।
तभी सपा के विधायक और अन्य पदाधिकारियों को रोकने के दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हो गई। इस दौरान निजामाबाद विधायक आलमबदी गिरते-गिते बचे। आरोप है कि शहर कोतवाल ने विधायक आलमबदी को धक्का दिया।
इससे गुस्साये पार्टी के विधायक और पदाधिकारी कलेक्ट्रेट के रैंप गेट पर ही धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे विधायक व सपा नेता शहर कोतवाल को निलंबित करने की मांग पर अड़े हुए थे।
निवर्तमान जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने डाइनामाइट न्यूज़ को बताया कि निर्धारित समय पर सपा विधायकों का प्रतिनिधिमंडल बुधवार की दोपहर 12 बजे मिलने के लिए उनके कार्यालय पर जा रहा था। विधायक आलमबदी के पैर में कुछ तकलीफ होने के कारण सभी लोग रैंप से जा रहे थे तभी शहर कोतवाल रोकने लगे। यह बताने के बाद भी कि विधायक बुजुर्ग हैं और उन्हें सीढ़ी चढ़ने में दिक्कत है, इसके बाद भी कोतवाल ने नहीं माने और धक्का-मुक्की करने लगे। उन्होंने विधायक को धक्का दे दिया जिससे वह गिरते-गिरते बचे।
धरना देने वालों में बड़ी संख्या में सपाई शामिल हैं। इनमें विधायक नफीस अहमद, संग्राम यादव, दुर्गा प्रसाद यादव, एमएलसी राकेश यादव गुड्डू शामिल हैं। गुस्साये सपा विधायकों ने विधानसभा सत्र में अर्धनग्न प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
Published : 27 January 2021, 5:37 PM IST
Topics : आजमगढ़ उत्तर प्रदेश कोतवाल जिलाधिकारी धरने विधायक सपा
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