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तेजपुर: भारतीय वायुसेना के लापता हुए सुखोई-30 लड़ाकू विमान का मलबा तीन दिन के तलाशी अभियान के बाद शुक्रवार को असम में मिला। सुखोई लड़ाकू विमान मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे तेजुपर सलोनिबारी वायुसेना स्टेशन से उड़ान भरने के बाद लापता हो गया था। यह नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था और इसमें चालक दल के दो सदस्य सवार थे। तेजपुर 4 कोर के रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल सोंबित घोष ने बताया कि लापता सुखोई-30 लड़ाकू विमान का मलबा विमान की अंतिम अज्ञात स्थिति के पास मिला जो तेजपुर के 60 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में शोणितपुर जिले में थी।

23 को लापता हुआ विमान
सुखोई- 30 एयरक्राफ्ट वर्तमान में दुनिया के बेहतरीन लड़ाकू विमानों में शामिल है। विमान 23 मई को लापता हुआ था। एयरक्राफ्ट में दो पायलट सवार थे। इसने तेजपुर से सुबह 10:30 उड़ान भरी थी, लेकिन 11:30 बजे इसका रेडियो और रडार से संपर्क टूट गया था। यह एयरक्राफ्ट रूटीन ट्रेनिंग मिशन पर था।
बता दें कि भारतीय वायुसेना में लगभग 240 सुखोई विमान हैं। इनमें से कई विमान हादसे के शिकार हो चुके हैं।
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पहले भी विमान के साथ हादसा
एयरक्राफ्ट के लिए सर्च ऑपरेशन जारी था। पायलट के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। इससे पहले 15 मार्च को सुखोई-30 एमकेआई जेट राजस्थान के बाड़मेर जिले के शिवकर कुडला गांव में क्रैश हो गया था। इस हादसे में तीन गांव वाले जख्मी हो गए थे।
Published : 26 May 2017, 3:04 PM IST
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