हिंदी
नई दिल्ली: भारत सरकार ने एंटी पेपर लीक कानून की अधिसूचना जारी कर दी, जिसके बाद यह कानून लागू हो गया है। कानून से जुड़ी विशेष चीजें जानने के लिए पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार जहां एक तरफ पूरे देश में नीट पेपर लीक होने व परीक्षा रद्द होने के बाद विरोध का माहौल दिख रहा है वहीं सरकार अब पेपर लीक के मामले को लेकर सख्त होती दिख रही है। एक तरफ सरकार पेपर लीक करने वालों पर कड़ी कार्रवाई कर रही हैं वहीं दूसरी तरफ मोदी सरकार ने रातों रात एंटी-पेपर लीक कानून की अधिसूचना जारी कर दी है। इस कानून के अनुसार पेपर लीक करने वालों को कठोर सजा का प्रावधान है।
एंटी-पेपर लीक कानून यानि पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट के तहत पेपर लीक करने या आंसर शीट के साथ छेड़छाड़ करने पर कम से कम 3 साल की जेल की सजा होगी। इसे 10 लाख रुपये के जुर्माने के साथ 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है।
परीक्षा संचालन के लिए नियुक्त सर्विस प्रोवाइडर अगर इसमें शामिल होता है तो उसे 5 से 10 साल तक की जेल की सजा और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने की सजा मिल सकती है। सर्विस प्रोवाइडर अवैध गतिविधियों में शामिल होगा तो उससे परीक्षा की लागत भी वसूली जाएगी
इस कानून में संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे भर्ती बोर्ड, बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की परीक्षाएं शामिल होगीं। इसके तहत सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे।
Published : 22 June 2024, 5:29 PM IST
Topics : Anti paper Leak Law notification Special Features अधिसूचना एंटी पेपर लीक कानून नई दिल्ली नीट पेपर लीक प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स भारत सरकार
No related posts found.