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लखनऊ: यूपी में लोक निर्माण विभाग के कामों मे होने वाली देरी और विभिन्न शिकायतों को आधार बना कर लोक निर्माण विभाग के सभी कर्मचारी मंगलवार को धरना पर बैठे। सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति ने यूपी सरकार को एक प्रस्ताव भी भेजा है। इसी के विरोध में यूपी लोक निर्माण विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गौरतलब है कि लोक निर्माण विभाग की स्थापना 1854 मे देश मे ब्रिटिश शासन काल के दौरान की गई थी।

यूपी लोक निर्माण विभाग द्वारा लखनऊ मुख्यालय पर आयोजित धरने मे सूबे के दो दर्जन से अधिक जिलो से आये अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। जिसमें सबसे ज्यादा सख्यां लखनऊ,कानपुर,इलाहाबाद,फैजाबाद और बरेली के कर्मचारियों की रही।
कर्मचारियों की सरकार से प्रमुख मांगे
राजधानी में लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय मे सरकार के विरोध मे जुटे कर्मचारियो की मुख्य मांग यह है की योगी सरकार विभाग को निगम में बदलने का प्रस्ताव तुरंत वापस ले। साथ ही उन्होंने सरकार को 27 जून तक का अल्टीमेटम दिया है। अगर सरकार ने उनकी मांग न मानी तो वे 28 जून से प्रदेश-व्यापी हड़ताल पर जायेगे।
राजधानी मे मुख्यालय मे दो दिन के धरने पर बैठे कर्मचारियों ने दूसरे जिलो से आने वाले कर्मचारियो को पुलिस द्वारा लखनऊ में न आने देने का आरोप लगाया। साथ ही कर्मचारियों का कहना है कि लखनऊ मे जगह-जगह धारा 144 लगाकर उन्हे दबाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
Published : 6 June 2017, 5:29 PM IST
Topics : कर्मचारी धरने पर बैठे यूपी योगी सरकार लखनऊ लोक निर्माण विभाग
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