एयर स्‍ट्राइक के 43 दिन बाद पाकिस्‍तान ने मीडिया को दिखाया बालाकोट मदरसा

डीएन ब्यूरो

हरे भरे पेड़ों से घिरे एक पहाड़ के शीर्ष पर स्थित इस मदरसे तक पहुंचने के लिए विदेशी मीडिया और राजनायिकों की टीम को डेढ़ घंटे तक चलना पड़ा। चढ़ाई के दौरान पाकिस्‍तानी सेना ने एक गड्ढा भी दिखाया और बताया कि यहीं पर विमानों से विस्‍फोटक गिराए गए थे।

फाइल फोटो
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इस्‍लामाबाद: पुलवामा हमले के बाद वायु सेना ने कब्‍जे वाले कश्‍मीर के साथ उसकी धरती बालाकोट पर भी हवाई हमले किए थे। जिसको पाकिस्‍तान ने कभी हां और कभी ना वाले अंदाज में माना। अब इतना समय बीत जाने के बाद पाकिस्‍तान ने मीडिया को बालाकोट मदरसा दिखाया है। 

पाकिस्‍तानी सेना ने अंतरराष्‍ट्रीय मीडिया कर्मियों के एक समूह को और कुछ विदेशी राजनयिकों को बालाकोट के उस मदरसे और उसके आसपास के इलाके का दौरा कराया है। जहां भारत ने 43 दिन पहले पुलवामा हमले के बाद जैश ए मोहम्‍मद के सबसे बड़े आतंकी शिविर पर हमला किया था। जिन्‍हें हेलीकॉप्‍टर से इस्‍लामाबाद ले जाया गया। 

पाकिस्‍तानी सेना ने दिखाए गड्ढे

हरे भरे पेड़ों से घिरे एक पहाड़ के शीर्ष पर स्थित इस मदरसे तक पहुंचने के लिए विदेशी मीडिया और राजनायिकों की टीम को डेढ़ घंटे तक चलना पड़ा। चढ़ाई के दौरान पाकिस्‍तानी सेना ने एक गड्ढा भी दिखाया और बताया कि यहीं पर विमानों से विस्‍फोटक गिराए गए थे। 

भारत का दावा गलत

वहीं मदरसे में 12 से 15 साल के बीच के तकरीबन 160 बच्‍चे मौजूद थे। बच्‍चों को कुरान की शिक्षा दी जा रही थी। सेना के प्रवक्‍ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा भारत का दावा पूरी तरह से गलत है यहां ऐसा कुछ नहीं हुआ है। 

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