
पटना: मुजफ्फरपुर जिले की मोनालिसा और बरूराज निवासी जयप्रकाश की प्रेम कहानी ना सिर्फ आज की पीढ़ी के लिए बल्कि परिवार वालों के लिए भी एक मिसाल है। जो लोग प्यार में हार मान जाते हैं, उन्हें इनकी प्रेम कहानी से सीख लेनी चाहिए।
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मोनालिसा और जयप्रकाश एक दूसरे के साथ रहने के लिए मुजफ्फरपुर कोर्ट में शादी कर ली थी। लेकिन लड़के के छोटी जाती होने के कारण मोनालिसा के पिता को ये अंतर्जातीय शादी मंजूर नहीं थी, और उन्होनें जयप्रकाश को अपनाने से मना कर दिया। पिता की नाराजगी देख मोनालिसा ने जयप्रकाश से इस बारे में बात की तो उसने उसे उसके ससुराल जाने को कहा। लेकिन मोनालिसा ने उसके साथ जाने से मना कर दिया। मोनालिसा का ये हाल देखकर जयप्रकाश ने अपने ससुराल वालों के खिलाफ कोर्ट में केस दायर कर दिया। साथ ही उसने मोनालिसा को कहा कि वो उसका इंतजार करता रहेगा, चाहे कुछ भी हो जाए।
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जयप्रकाश ने कहा कि जबतक ससुराल वाले उसे नहीं अपनाते तबतक वो इंतजार करता रहेगा। ये मामला कोर्ट में सात साल तक चला और आखिर सात साल बाद दोनों एक-दूसरे के हो गए। कोर्ट में इस अनोखे मामले के बारे में जानने के बाद जज और वकील भी हैरान हो गए। अपनी मर्जी से अपनी पसंद से शादी करने के बावजूद बिना परिजनों के आशीर्वाद के बिना शादीशुदा जिंदगी शूरू नहीं करने के इस हैरान कर देने वाले केस ने वकीलों को भी कानून से परे जाकर दोनों की मदद करने को मजबूर कर दिया।
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जयप्रकाश और मोनालिसा को एक करने के लिए दोनों पक्ष के वकील भी एक हो गए। वकीलों ने मिल कर लड़की के परिवार वालों की काउंसिलिंग की। काफी समझाने-बुझाने के बाद मोनालिसा के पिता आखिरकार मान गए और दोनों की शादी को अपनी मंजूरी दे दी।
Published : 22 July 2019, 6:06 PM IST
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