Uttarakhand: कोटद्वार में पाठ्य पुस्तकों की मनमानी बिक्री पर प्रशासन की सख्ती, छह दुकानों पर हुई छापेमारी

डीएन ब्यूरो

उत्तराखंड के कोटद्वार में जांच के दौरान कई दुकानदार स्टॉक रजिस्टर और क्रय-विक्रय बिल प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे, जिसके बाद सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। पढ़ें डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट

पुस्तकों की मनमानी बिक्री पर प्रशासन की सख्ती
पुस्तकों की मनमानी बिक्री पर प्रशासन की सख्ती


कोटद्वार: नए शिक्षण सत्र की शुरुआत के साथ ही पाठ्य पुस्तकों की मनमानी बिक्री की शिकायतों को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को एसडीएम सोहन सिंह सैनी के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने शहर के आमपड़ाव, स्टेशन रोड, बदरीनाथ मार्ग और देवी रोड स्थित छह किताबों की दुकानों पर छापा मारा।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, जांच के दौरान कई दुकानदार स्टॉक रजिस्टर और क्रय-विक्रय बिल प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे। कुछ दुकानों में खरीद बिल तो मिले, लेकिन ग्राहकों को विक्रय बिल नहीं दिए जा रहे थे। इसके अलावा, 40 पन्नों की किताब की कीमत 150 रुपये तक पाई गई, जो बाजार दर से अधिक थी।

स्टॉक रजिस्टर और ISBN नंबर में गड़बड़ी

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कई दुकानों में स्टॉक रजिस्टर और पुस्तकों के ISBN नंबर में भी गड़बड़ी पाई गई। इन पुस्तकों को सीज कर जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी को सौंप दिया गया।

प्रशासन ने दिए कड़े निर्देश

टीम ने दुकानदारों को निर्देश दिए कि वे प्रतिष्ठान का जीएसटी पंजीकरण कराएं, स्टॉक रजिस्टर व्यवस्थित रखें और पाठ्य पुस्तकें निर्धारित दरों पर ही बेचें।

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इससे पहले, प्रशासन ने देवी मंदिर क्षेत्र में दो दुकानों पर छापा मारकर जांच की थी।

छापेमारी टीम में तहसीलदार साक्षी उपाध्याय, बीईओ दुगड्डा अमित कुमार चंद, सहायक आयुक्त जीएसटी मितेश्वर आनंद, जीएसटी अधिकारी सुल्तान सिंह तोमर और राजस्व उपनिरीक्षक आशीष केमनी शामिल रहे।प्रशासन की इस कार्रवाई से मनमानी तरीके से पुस्तकें बेचने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया है।










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