IPL 2026: बिहार के लाल सूर्यवंशी के आगे कैसे फेल हो रहें हैं दुनिया के दिग्गज बॉलर

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में बुमराह और हेजलवुड जैसे दिग्गजों के खिलाफ तूफानी बल्लेबाजी कर 'ऑरेंज कैप' पर कब्जा कर लिया है। जानिए इस युवा बल्लेबाज के रिकॉर्ड्स और उनकी सफलता पर सुनील गावस्कर की राय। पढ़ें खबर में आगे...

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 11 April 2026, 5:36 PM IST

New Delhi: भारतीय क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी नाम के तूफान ने हर किसी को अचरज में डाल कर रखा है। राजस्थान रॉयल्स का मात्र 15 साल का यह युवा बल्लेबाज ने क्रिकेट के बड़े- बड़े दिग्गजों को अपने आक्रामक खेल से अपना प्रशंसक बना दिया है। क्रिकेट के गलियारों में उन्हें 'सुपरमैन' कहा जा रहा है, क्योंकि जिस निडरता से वे दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजों का सामना कर रहे हैं, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया। आईपीएल 2026 के शुरुआती 4 मैचों में ही वैभव ने 200 रन बना लिए हैं और फिलहाल 'ऑरेंज कैप' उन्हीं के पास है।

बुमराह और हेजलवुड को भी धोया

वैभव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे नाम देखकर नहीं, बल्कि गेंद देखकर खेलते हैं। 7 अप्रैल को मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच में उन्होंने दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर सबको हैरान कर दिया। बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज के खिलाफ ऐसा साहस बड़े-बड़े दिग्गज नहीं दिखा पाते। इसके बाद 10 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैच में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज जोश हेजलवुड के एक ही ओवर में तीन चौके और एक छक्का लगाकर अपनी ताकत का लोहा मनवाया।

वैभव क्यों है इतने स्पेशल ?

वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और खास तकनीक है। वे बचपन से ही हर दिन नेट प्रैक्टिस में 400 से 500 गेंदें खेलते आए हैं। उनका ध्यान रक्षात्मक खेल की बजाय हमेशा आक्रामक शॉट्स पर रहा है। उनकी नजरें इतनी तेज हैं कि वे 140 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार वाली गेंदों को भी बहुत जल्दी भांप लेते हैं। अगर तुलना करें, तो वे भारत के स्टार ओपनर यशस्वी जायसवाल से भी ज्यादा तेजी से छक्के लगा रहे हैं।

सुनील गावस्कर ने दी बड़ी सलाह

वैभव के इस शानदार प्रदर्शन से महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर भी काफी प्रभावित हैं। उन्होंने वैभव की तकनीक और गेंद को पहचानने की क्षमता की जमकर तारीफ की है। हालांकि, गावस्कर ने एक जरूरी सलाह भी दी है। उन्होंने कहा कि हमें इस युवा खिलाड़ी पर बहुत ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए और न ही उसे जरूरत से ज्यादा 'हाइप' देनी चाहिए। गावस्कर का मानना है कि असली चुनौती तब शुरू होगी जब विपक्षी टीमें वैभव की कमियों को बारीकी से पहचान लेंगी और उनके खिलाफ रणनीति बनाएंगी। उस समय वैभव की असल परीक्षा होगी कि वे खुद को कैसे ढालते हैं।

Location :  Mumbai

Published :  11 April 2026, 5:36 PM IST