खत्म होगा 15 साल पुराना विवाद: नोएडा स्टेडियम में खत्म होगी मनमानी? स्पोर्ट्स कंपनी पर सीईओ कृष्णा करुणेश का बड़ा बयान

नोएडा स्टेडियम में जल्द ऐसा बदलाव होने जा रहा है, जिससे वर्षों से चल रही कई व्यवस्थाएं बदल सकती हैं। खिलाड़ियों की फीस से लेकर अकादमियों की जांच और संचालन के नए नियमों तक बड़ा फैसला सामने आया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 1 August 2026, 1:06 PM IST

Noida: सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम के संचालन में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नोएडा प्राधिकरण पहली बार स्टेडियम का संचालन विदेशी निवेश यानी एफडीआई वाली एक प्रोफेशनल स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी को सौंपने की तैयारी कर रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि नई व्यवस्था से खिलाड़ियों को आधुनिक और बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही फीस पर नियंत्रण रखा जाएगा। भविष्य में नोएडा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की बड़ी खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी का अवसर भी मिल सकेगा।

कंपनी अपनी मर्जी से नहीं बढ़ा सकेगी फीस

नई व्यवस्था में स्टेडियम का संचालन करने वाली कंपनी खिलाड़ियों से मनमाने तरीके से फीस नहीं वसूल सकेगी। प्राधिकरण ने साफ किया है कि खेल प्रशिक्षण, अकादमी या अन्य सुविधाओं की फीस में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले प्राधिकरण बोर्ड की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।

प्राधिकरण का कहना है कि खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों के हितों को ध्यान में रखते हुए नए नियम तैयार किए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बेहतर सुविधाओं के नाम पर खिलाड़ियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न डाला जाए और फीस से जुड़ी पूरी व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे।

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पुरानी स्पोर्ट्स अकादमियों और एसोसिएशनों की जांच शुरू

नोएडा प्राधिकरण ने स्टेडियम में लंबे समय से संचालित हो रही स्पोर्ट्स अकादमियों और खेल एसोसिएशनों की जांच भी शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कुछ संस्थाएं पिछले 10 से 15 वर्षों से लगातार स्टेडियम में अपनी गतिविधियां चला रही हैं और बार-बार टेंडर हासिल करती रही हैं।

इन संस्थाओं के संचालन और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। प्राधिकरण यह भी पता लगा रहा है कि लंबे समय से एक ही संस्थाओं को लगातार टेंडर मिलने के पीछे क्या कारण रहे और स्टेडियम की सुविधाओं का लाभ खिलाड़ियों तक किस तरह पहुंच रहा है।

मनमानी फीस और खिलाड़ियों के चयन में पक्षपात की शिकायत

कुछ स्पोर्ट्स अकादमियों और एसोसिएशनों के खिलाफ मनमानी फीस वसूलने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता नहीं रखने और खेल गतिविधियों में पक्षपात करने के आरोप लगाए गए हैं।

प्राधिकरण इन शिकायतों की जांच कर रहा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नई व्यवस्था में खिलाड़ियों के चयन और प्रशिक्षण से जुड़ी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।

सीईओ बोले- खिलाड़ियों और आम लोगों के लिए बना है स्टेडियम

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने कहा कि नोएडा स्टेडियम शहर के खिलाड़ियों और आम लोगों के लिए बनाया गया है। इसलिए स्टेडियम में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ केवल सीमित लोगों तक नहीं रहना चाहिए, बल्कि अधिक से अधिक खिलाड़ियों और नागरिकों को इसका फायदा मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में किसी भी तरह की मनमानी की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्टेडियम के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर खेल वातावरण और आगे बढ़ने के अवसर मिल सकें।

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‘स्टेडियम का निजीकरण नहीं किया जा रहा’

सीईओ कृष्णा करुणेश ने स्पष्ट किया कि किसी बड़ी प्रोफेशनल कंपनी को संचालन की जिम्मेदारी देने का उद्देश्य नोएडा स्टेडियम का निजीकरण करना नहीं है। प्राधिकरण स्टेडियम की संपत्ति और व्यवस्थाओं पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा। कंपनी को केवल पेशेवर तरीके से संचालन और खेल सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन की जिम्मेदारी दी जाएगी।

उनका कहना है कि प्रोफेशनल स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी के आने से स्टेडियम की सुविधाएं बेहतर होंगी और नोएडा के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही भविष्य में शहर बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए भी तैयार हो सकेगा।

Location :  Noida

Published :  1 August 2026, 1:06 PM IST