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महाकालेश्वर मंदिर दक्षिण की ओर स्थित ज्योतिर्लिंग है, जो समय और विनाश से जुड़ा है। सुबह के अनुष्ठान विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। भक्तों की भीड़ अधिक रहती है। मंदिर में पुजारियों के अलावा किसी को शिवलिंग को छूने की अनुमति नहीं है। नियमों का कड़ाई से पालन किया जाता है। (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
महाकालेश्वर मंदिर दक्षिण की ओर स्थित ज्योतिर्लिंग है, जो समय और विनाश से जुड़ा है। सुबह के अनुष्ठान विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। भक्तों की भीड़ अधिक रहती है। मंदिर में पुजारियों के अलावा किसी को शिवलिंग को छूने की अनुमति नहीं है। नियमों का कड़ाई से पालन किया जाता है। (फोटो सोर्स- इंटरनेट)