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शारदीय नवरात्रि में घटस्थापना के नियम (Img- Pinterest)
New Delhi: सनातन धर्म में शारदीय नवरात्रि का त्यौहार अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है। इस साल 11 अक्तूबर से पावन शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ ही घटस्थापना (कलश स्थापना) की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कलश में त्रिदेवों (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) और सभी देवी-देवताओं का वास होता है। लेकिन अक्सर लोग घटस्थापना करते समय कुछ छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे पूजा का पूरा लाभ नहीं मिल पाता और माता रानी नाराज हो सकती हैं।
कलश स्थापना के दौरान सबसे पहली और बड़ी गलती उसकी दिशा को लेकर होती है। वास्तुशास्त्र और शास्त्रों के अनुसार पूजा स्थान पर घट की स्थापना हमेशा ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में ही करनी चाहिए। ईशान कोण को देवताओं की दिशा माना जाता है। दक्षिण या पश्चिम दिशा में कलश स्थापित करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा आती है और पूजा का शुभ फल प्राप्त नहीं होता।
घटस्थापना के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री पूरी तरह शुद्ध और अखंडित होनी चाहिए। पूजा में टूटे हुए चावल (अक्षत), चटका हुआ मिट्टी का बर्तन, सूखा नारियल या गंदा जल प्रयोग करने से बचें। कलश पर रखा जाने वाला नारियल हमेशा जटा वाला होना चाहिए और उसका मुख साधक (आपकी) ओर होना चाहिए, न कि आसमान या जमीन की तरफ।
कलश स्थापना करने वाले स्थान और स्वयं की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। पूजा स्थल को गंगाजल छिड़ककर पूरी तरह पवित्र करें। स्थापना के दौरान काले या नीले रंग के कपड़े पहनकर पूजा न करें, क्योंकि इन्हें शुभ कार्यों में वर्जित माना गया है। घटस्थापना हमेशा लाल, पीले या गुलाबी रंग के स्वच्छ वस्त्र पहनकर ही करनी चाहिए।
कलश स्थापना के समय जल में पंचरत्न, सर्व औषधि, दूर्वा, सिक्का, अक्षत और आम या अशोक के पत्ते डालना अनिवार्य होता है। केवल सादा पानी भरकर कलश रख देना शास्त्र सम्मत नहीं है। इसके अलावा कलश के ऊपर रखे जाने वाले पात्र को चावल या जौ से पूरा भरना चाहिए, उसे कभी खाली न छोड़ें।
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शास्त्रों के अनुसार घटस्थापना हमेशा शुभ मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त या चौघड़िया देखकर ही की जानी चाहिए। राहुकाल या अशुद्ध समय में कलश स्थापित करने से बचना चाहिए। 11 अक्तूबर को घटस्थापना के निर्धारित शुभ मुहूर्त के भीतर ही विधि-विधान से कलश की स्थापना करें, ताकि मां दुर्गा की असीम कृपा आपके परिवार पर बनी रहे।
Location : New Delhi
Published : 8 October 2026, 2:10 PM IST