Sakat Chauth 2026: 6 या 7 जनवरी कब है सकट चौथ? जानें सही तिथि, पूजा विधि, शुभ योग

Sakat Chauth 2026 को लेकर तारीख को लेकर कंफ्यूजन है। जानें सकट चौथ 6 या 7 जनवरी को कब रखा जाएगा, सही तिथि, पूजा विधि, तिल का महत्व, शुभ योग और व्रत में क्या करें और क्या न करें।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 4 January 2026, 12:56 PM IST
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New Delhi: जनवरी 2026 में साल की पहली और सबसे बड़ी चतुर्थी के रूप में सकट चौथ का व्रत रखा जाएगा। हिंदू धर्म में माघ महीने की संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करने से संतान सुख, बाधाओं से मुक्ति और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। तिल के विशेष प्रयोग के कारण इसे तिल चौथ और तिलकुट चतुर्थी भी कहा जाता है। इस साल सकट चौथ की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम है कि व्रत 6 जनवरी को रखा जाए या 7 जनवरी को। आइए, पंचांग के आधार पर सही तिथि और पूजा से जुड़ी हर जरूरी जानकारी जानते हैं।

सकट चौथ 2026 की सही तिथि

पंचांग के अनुसार, माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि की शुरुआत 6 जनवरी 2026, मंगलवार को सुबह 8:01 बजे और समापन 7 जनवरी 2026, बुधवार को सुबह 6:52 बजे होगा।

सकट चौथ का व्रत उदयातिथि के साथ-साथ चंद्रोदय काल को ध्यान में रखकर रखा जाता है। भले ही 6 और 7 जनवरी को उदयातिथि पूरी तरह न मिल रही हो, लेकिन 6 जनवरी को चंद्र दर्शन और गणेश पूजा का संयोग बन रहा है। इसलिए पंचांग के अनुसार सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी 2026 को ही रखा जाएगा।

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सकट चौथ का धार्मिक महत्व

शास्त्रों के अनुसार, सकट चौथ का व्रत विशेष रूप से संतान की रक्षा, सुख-समृद्धि और संकटों से मुक्ति के लिए किया जाता है। इस दिन तिल का दान और तिल से बने भोग अत्यंत शुभ माने जाते हैं। माना जाता है कि माघ महीने की इस चतुर्थी पर भगवान गणेश शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

सकट चौथ पर क्या करें

  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • गणेश जी की प्रतिमा या चित्र के सामने व्रत का संकल्प लें।
  • दिनभर निर्जला या फलाहार व्रत रखें।
  • शाम को चंद्रोदय के बाद गणेश जी की पूजा करें।
  • दुर्वा, फूल, मोदक या तिल के लड्डू अर्पित करें।
  • तिल, गुड़ और मिठाई का दान करें।
  • जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को भोजन कराएं।

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सकट चौथ पर क्या न करें

  • सूर्योदय के बाद तक सोना नहीं चाहिए।
  • बिना स्नान किए भोजन या फलाहार न करें।
  • दिन में सोना और किसी भी तरह का नशा वर्जित है।
  • झूठ, क्रोध, विवाद और नकारात्मक विचारों से बचें।
  • तामसिक भोजन और गलत आचरण से दूर रहें।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 4 January 2026, 12:56 PM IST

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