
विनोद तावड़े उत्तर प्रदेश के चुनाव प्रभारी नियुक्त (Img: Dynamite News)
Lucknow: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में पार्टी हाईकमान ने वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। उनके साथ ही राष्ट्रीय मंत्री जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। तावड़े के सामने अब देश के सबसे बड़े राजनीतिक मैदान में बीजेपी के संगठन और चुनावी रणनीति को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
यूपी की राजनीति में जातीय समीकरण, बूथ स्तर का संगठन, सहयोगी दलों के साथ तालमेल और सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाना बीजेपी के लिए अहम मुद्दे होंगे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पार्टी ने तावड़े पर ही दांव क्यों लगाया और क्या उनका पिछला रिकॉर्ड यूपी में बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है?
विनोद तावड़े मुंबई के एक मध्यमवर्गीय मराठी परिवार में 20 जुलाई 1963 को हुआ था। वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के शुरुआती दिनों में उन्हें बाल आपटे और मदनदास देवी से काफी काफी प्रभावित रहे, फिर अटल बिहारी वाजपेयी जी और लालकृष्ण आडवाणी उनके प्रेरणास्रोत बने। विनोद तावड़े बिहार समेत कई राज्यों में पहले भी भाजपा प्रभारी रहे हैं।
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बता दें कि साल 2022 में विनोद तावड़े को बिहार का प्रभारी बनाया गया था। जहां उन्होंने संगठन और गठबंधन की राजनीति के बीच काम किया। बीजेपी और जेडीयू के बीच गठबंधन सरकार बनने के साथ तावड़े की भूमिका चर्चा में आई। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी बिहार में एनडीए ने मजबूत प्रदर्शन किया। इसके बाद 2025 में बिहार में बीजेपी-जेडीयू की सरकार बनने और बीजेपी की सीटों में बढ़ोतरी के बीच तावड़े का संगठनात्मक अनुभव एक बार फिर सामने आया।
विनोद तावड़े का राजनीतिक अनुभव केवल बिहार तक सीमित नहीं है। वह गुजरात, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तराखंड और कर्नाटक समेत कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में पार्टी के चुनावी संचालन से जुड़े रहे हैं। इसके अलावा उन्हें त्रिपुरा और राजस्थान में मुख्यमंत्री चयन के दौरान पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी भी दी जा चुकी है। 2026 के केरल विधानसभा चुनाव में भी वह पार्टी के प्रभारी रहे। वहां बीजेपी ने अपना अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे तावड़े की चुनावी रणनीति और संगठन क्षमता को लेकर पार्टी का भरोसा और मजबूत हुआ।
तावड़े को बीजेपी पहले भी कई अहम राष्ट्रीय जिम्मेदारियां दे चुकी है। 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में वह एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के चुनाव प्रभारी रहे थे। इसी तरह उपराष्ट्रपति चुनाव में सीपी राधाकृष्णन के लिए भी उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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हरियाणा के प्रभारी रहते हुए भी तावड़े ने संगठन को मजबूत करने पर काम किया। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान चलाए गए ऑपरेशन गंगा में यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने की कोशिशों में भी उनकी भूमिका बताई गई थी।
बीजेपी के संगठन पर्व 2024 के दौरान विनोद तावड़े को राष्ट्रीय सदस्यता अभियान की जिम्मेदारी दी गई थी। पार्टी के अनुसार, इस अभियान में महज 15 दिनों में करीब 5 करोड़ नए सदस्यों को जोड़ा गया।
अब यूपी की जिम्मेदारी उनके लिए सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा होगी। 2027 में बीजेपी को सत्ता में वापसी दिलाने के लिए तावड़े को संगठन से लेकर गठबंधन और जमीनी समीकरण तक कई मोर्चों पर काम करना होगा। देखना यही होगा कि बिहार और दूसरे राज्यों में आजमाया गया उनका फॉर्मूला यूपी में कितना असर दिखाता है।
Location : Lucknow
Published : 18 August 2026, 12:14 PM IST