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अंकिता भंडारी के माता-पिता हिरासत में
New Delhi: उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे अंकिता के माता-पिता को पुलिस ने बुधवार देर रात को हिरासत में लिया। उनके साथ प्रदर्शन में शामिल विपक्षी नेताओं और कई प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया। हालांकि पुलिस ने अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लेने के कुछ समय बाद छोड़ दिया।
हिरासत में लिए जाने के बाद अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने चेतावनी दी कि यदि उनकी बेटी को न्याय नहीं मिला, तो देशभर में आंदोलन किया जाएगा।
दिल्ली पुलिस की हिरासत में लिए जाने के बाद अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि जब तक उनकी बेटी को न्याय नहीं मिलता, तब तक देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। उन्होंने कहा "अगर न्याय नहीं मिला, तो मेरी बेटी को न्याय मिलने तक पूरे देश में प्रदर्शन होंगे।
अंकिता भंडारी की मां ने कहा कि हम यह साफ़ करना चाहते हैं कि जब तक उनकी (दुष्यंत गौतम) नियुक्ति रद्द नहीं हो जाती, हम अपनी बात पर अड़े रहेंगे... अगर हमें यहां बैठने की इजाज़त नहीं मिली, तो हम अपने घरों में ही भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
सबसे पहले हमारी मांग है कि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द की जाए। अगर नियुक्ति रद्द नहीं होती है, तो हमें एक बार फिर पूरे देश में सड़कों पर उतरना पड़ेगा। मेरी बेटी को न्याय मिलना चाहिए। परिवार दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग कर रहा है। उसका कहना है कि अंकिता हत्याकांड से जुड़े सवालों की जांच पूरी होने तक इस नियुक्ति को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
अंकिता के माता-पिता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी की हत्या से जुड़े सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे। ऐसे में जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल की जिम्मेदारी नहीं दी जानी चाहिए।
अंकिता की मां सोनी देवी धरने के दौरान भावुक हो गईं। उन्होंने राष्ट्रपति से परिवार की पीड़ा समझने और न्याय दिलाने के लिए कदम उठाने की अपील की। अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने भी नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की है।
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे परिवार के समर्थन में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पहुंचे थे। दोनों नेताओं ने अंकिता की मां सोनी देवी और पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी से मुलाकात की।
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उन्होंने परिवार की बात सुनी और उनकी मांगों के बारे में जानकारी ली। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, सुप्रिया श्रीनेत और सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने मामले में न्याय सुनिश्चित करने और जांच से जुड़े सवालों का जवाब मिलने की मांग उठाई।
राहुल ने आरोप लगाया कि परिवार के न्याय के लिए लगातार संघर्ष करने के बावजूद, BJP एक कथित VIP आरोपी को बचा रही है और उसे संवैधानिक पद का इनाम दे रही है। राहुल गांधी ने कहा कि चार साल बीत जाने के बाद भी अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय नहीं मिला है, लेकिन एक ‘VIP’ आरोपी को सुरक्षा और संवैधानिक पद का इनाम जरूर मिला है।
अंकिता भंडारी की हत्या 18 सितंबर 2022 को हुई थी और कुछ दिनों बाद 24 सितंबर को उनका शव चिल्ला नहर से मिला था। इस मामले में रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य (जो बीजेपी से हटाए गए नेता विनोद आर्य के बेटे हैं) और दो कर्मचारियों (सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता) को पुलिस ने पकड़ा था।
इन तीनों पर हत्या और सबूत मिटाने का जुर्म साबित हुआ, जिसके बाद 30 मई 2025 को कोटद्वार कोर्ट की जज रीना नेगी ने इन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। अंकिता पर किसी VIP को स्पेशल सर्विस देने का दबाव बनाये जाने की बात सामने आई थी।
Location : New Delhi
Published : 15 October 2026, 6:16 AM IST