
सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Img: Google)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपनी राजनीतिक रणनीति को नया रूप देना शुरू कर दिया है। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने ब्राह्मण समाज पर विशेष फोकस करते हुए एक नया चुनावी रोडमैप तैयार किया है, जिसे आगामी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
अखिलेश यादव बुधवार को ब्राह्मण समाज के नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में संगठनात्मक ढांचे, कार्यक्रमों की रूपरेखा और ब्राह्मण सम्मेलन की योजना पर चर्चा होगी। इसके अलावा सम्मेलन की आयोजन समिति पर भी अंतिम मुहर लगाए जाने की संभावना है।
यूपी की राजनीति में ब्राह्मण समुदाय की भूमिका हमेशा निर्णायक रही है। राज्य में लगभग 12 से 14 प्रतिशत ब्राह्मण आबादी है, जो 100 से अधिक विधानसभा सीटों पर प्रभाव डालती है। पूर्वी और पश्चिमी यूपी की कई सीटों पर इस वर्ग का सीधा राजनीतिक असर देखा जाता है। इसी कारण सभी प्रमुख दल इस समुदाय को साधने की कोशिश में जुटे हैं।
सूत्रों के अनुसार ब्राह्मण समाज में बीजेपी को लेकर असंतोष की चर्चाएं भी तेज हैं। हालांकि बीजेपी लगातार यह दावा कर रही है कि वह किसी भी वर्ग की अनदेखी नहीं करती। दूसरी ओर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) भी ब्राह्मण वोटरों को साधने के लिए सक्रिय हो गई है। मायावती ने 2007 के अपने सफल गठबंधन मॉडल को दोहराने की रणनीति शुरू कर दी है।
पिछले महीने सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी की ब्राह्मण समाज पर की गई टिप्पणी के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया था। इस बयान पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने आरोप लगाया था कि इस प्रकार की टिप्पणियां समाज के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाती हैं।
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यूपी की राजनीति में जातीय समीकरण एक बार फिर निर्णायक भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। सभी प्रमुख दल 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपने-अपने वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति में जुट गए हैं।
Location : Lucknow
Published : 16 June 2026, 2:34 PM IST