लखनऊ में अखिलेश यादव की मौजूदगी में बदायूं के दो बड़े चेहरों की साइकिल पर सवारी, पार्टी में दौड़ी नई लहर

लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी राज्य मुख्यालय पर बदायूं के वरिष्ठ नेता व दो बार के पूर्व विधायक सिनोद शाक्य और बिसौली के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने सपा का दामन थाम लिया। सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव की मौजूदगी में दोनों नेताओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 26 October 2026, 4:16 PM IST
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Budaun: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने बदायूं की राजनीति में अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में पूर्व विधायक सिनोद शाक्य और बिसौली के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस दौरान सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव मौजूद रहे। दोनों नेताओं के पार्टी में शामिल होने से बदायूं जिले के राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

शिवपाल यादव के पास मिली जगह, अखिलेश की मौजूदगी में जॉइनिंग

समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सिनोद शाक्य और कुशाग्र सागर का पार्टी में स्वागत किया गया। सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने दोनों नेताओं को मंच पर अपने पास पहली पंक्ति में बैठाया। कार्यक्रम में अखिलेश यादव की मौजूदगी ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया।

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सिनोद शाक्य बदायूं की राजनीति में जाना-पहचाना नाम हैं। वह दो बार विधायक रह चुके हैं। उनका राजनीतिक सफर बहुजन समाज पार्टी से शुरू हुआ था। बाद में वह समाजवादी पार्टी में रहे और फिर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। अब उनकी सपा में वापसी को जिले की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। वहीं, बिसौली के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर के सपा में शामिल होने की चर्चा पहले से ही चल रही थी। उनकी सदस्यता के बाद बिसौली क्षेत्र में पार्टी की आगे की रणनीति को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं।

बदायूं में OBC समीकरण पर सपा की नजर

सिनोद शाक्य की सपा में वापसी को पिछड़े वर्ग के मतदाताओं के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। उनकी मौर्य, कुशवाहा, सैनी और शाक्य समुदायों में पकड़ मानी जाती है। ऐसे में उनकी राजनीतिक सक्रियता का असर बदायूं जिले की राजनीति पर पड़ सकता है। 

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हालांकि, किसी नेता के पार्टी में शामिल होने से चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ेगा, यह मतदाताओं के रुख और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। सपा के लिए चुनौती इस समर्थन को संगठनात्मक मजबूती और जमीनी सक्रियता में बदलने की होगी।

बिसौली में कुशाग्र सागर की एंट्री से बढ़ी चर्चा

कुशाग्र सागर के पार्टी में आने से बिसौली क्षेत्र में समाजवादी पार्टी को एक नया राजनीतिक चेहरा मिला है। उनके समर्थकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं की भूमिका आगामी चुनावी तैयारियों में अहम हो सकती है। दोनों पूर्व विधायकों की सदस्यता के बाद बदायूं की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना पर चर्चा शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि सपा इन नेताओं के अनुभव और स्थानीय प्रभाव का इस्तेमाल संगठन को मजबूत करने में किस तरह करती है।

Location :  Budaun

Published :  26 October 2026, 4:16 PM IST

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