
विनोद तावड़े (सोर्स- एक्स)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने आंतरिक प्रबंधन को मजबूत करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तर प्रदेश के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने हाल ही में गोरखपुर का दौरा किया, जहां उन्होंने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और सहयोगियों से मुलाकात की। इन मुलाकातों को राजनीतिक गलियारों में बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अपने गोरखपुर प्रवास के दौरान विनोद तावड़े ने पार्टी के राज्यसभा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल और एनडीए गठबंधन के सहयोगी दल 'निषाद पार्टी' के प्रमुख संजय निषाद से मुलाकात की।
राधा मोहन दास अग्रवाल से भेंट: गोरखपुर से चार बार विधायक रह चुके और वर्तमान राज्यसभा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल हाल ही में स्थानीय स्तर पर कुछ बातों को लेकर नाराज चल रहे थे। पार्टी की महानगर इकाई की विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची में उनका नाम नहीं होने और उनके घर के पास बने सिक्स लेन फ्लाईओवर के लोकार्पण कार्यक्रम में न बुलाए जाने से उनकी नाराजगी सामने आई थी। विनोद तावड़े ने उनके घर जाकर यह साफ संदेश दिया कि पार्टी में उनका कद और महत्व अभी भी बहुत ऊंचा है।
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संजय निषाद से मुलाकात: निषाद पार्टी के प्रमुख और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद भी हाल ही में गोंडा में अपनी पार्टी के कार्यकर्ता विनोद कुमार साहनी की हत्या के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज थे। इसके अलावा, हाल ही में उनकी समाजवादी पार्टी के नेता माता प्रसाद से हुई मुलाकात के बाद भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं थीं। तावड़े के उनके घर जाने से इन सभी अटकलों पर विराम लगाने और गठबंधन को मजबूत रखने की कोशिश साफ दिखाई देती है।
सिर्फ गोरखपुर ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी कुछ नेताओं के असंतोष की खबरें चर्चा में हैं-
अदिति सिंह और रीता बहुगुणा जोशी: रायबरेली सदर सीट से विधायक अदिति सिंह ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है, जिसे आंतरिक प्रबंधन का हिस्सा माना जा रहा है। वहीं, पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी को लेकर भी चर्चा थी कि वह अपने बेटे को राजनीति में लाने के लिए दल बदल सकती हैं, हालांकि उन्होंने इन चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया है।
कौशल किशोर के तीखे तेवर: पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर लगातार अपनी ही सरकार और पार्टी पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने लखनऊ में आत्म-सम्मान रैली निकालकर सरकारी दफ्तरों, थानों और कचहरियों में रिश्वतखोरी का आरोप लगाया था तथा रोजगार व आउटसोर्सिंग के मुद्दों पर सरकार को घेरा था।
बीजेपी का यह आंतरिक प्रबंधन इस बात का संकेत है कि पार्टी चुनाव से पहले किसी भी तरह के असंतोष को पनपने नहीं देना चाहती। विरोधी दलों की चालों को मात देने के लिए पार्टी अपने सभी सहयोगियों और नाराज नेताओं को साधने में पूरी ताकत से जुट गई है।
Location : Lucknow
Published : 20 September 2026, 10:01 AM IST
Topics : BJP Internal Management UP Assembly Election 2027 Uttar Pradesh politics Vinod Tawde Yogi Adityanath