UP Politics Shock: राहुल गांधी केस में याचिकाकर्ता को Z+ सुरक्षा? गृह मंत्रालय के रुख ने बढ़ाई हलचल

राहुल गांधी के खिलाफ याचिकाएं दायर करने वाले भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर को Z+ सुरक्षा देने पर केंद्र सरकार विचार कर रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में यह जानकारी दी गई। मामला सुरक्षा और नागरिक अधिकारों से जुड़ा है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 28 May 2026, 11:36 AM IST

Lucknow: कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े मामलों में याचिकाएं दायर करने वाले कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच को बताया है कि गृह मंत्रालय उनकी सुरक्षा बढ़ाने पर विचार कर रहा है। शिशिर ने खुद को जान का खतरा बताते हुए अखिल भारतीय स्तर की ‘Z+ सुरक्षा’ की मांग की है।

गृह मंत्रालय की समीक्षा जारी

डिप्टी सॉलिसिटर जनरल एसबी पांडेय ने अदालत को जानकारी दी कि गृह मंत्रालय इस मामले की नए सिरे से समीक्षा कर रहा है। इसके साथ ही कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, केरल सरकार और दिल्ली पुलिस को भी शिशिर की सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने भरोसा दिया है कि जल्द ही उचित निर्णय लिया जाएगा।

हाईकोर्ट में क्या हुआ?

न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति जफीर अहमद की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि राज्य की जिम्मेदारी नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करना है। हालांकि अदालत ने फिलहाल शिशिर को Z+ सुरक्षा देने पर कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया।

सुरक्षा की मांग और तर्क

याचिकाकर्ता शिशिर ने दावा किया है कि राहुल गांधी से जुड़े मामलों में याचिकाएं दायर करने के कारण उन्हें गंभीर खतरा है। इसी आधार पर उन्होंने अदालत से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा संबंधी अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी ही लेंगे।

राहुल गांधी नागरिकता विवाद भी चर्चा में

इस मामले के साथ ही राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता से जुड़ा विवाद भी फिर चर्चा में आ गया है। याचिकाकर्ता ने 20 अप्रैल के आदेश को वापस लेने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे उसी पीठ के पास भेजने का निर्देश दिया जिसने मूल आदेश पारित किया था।

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अगला कदम क्या?

अदालत ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और संबंधित याचिकाओं पर अंतिम निर्णय प्रक्रिया के तहत ही होगा। फिलहाल गृह मंत्रालय की समीक्षा रिपोर्ट और सक्षम प्राधिकारी के फैसले का इंतजार है।

Location :  Lucknow

Published :  28 May 2026, 10:18 AM IST