महिला आरक्षण बिल पर प्रियंका का मोदी सरकार पर हमला, बोलीं -संविधान और विपक्ष जीता

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल पास न होने को संविधान और विपक्ष की जीत बताया। प्रियंका ने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन सरकार का तरीका गलत है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 18 April 2026, 12:40 PM IST

New Delhi: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को प्रेस वार्ता में उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन सरकार जिस तरीके से यह बिल लेकर आई, वह स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का संविधान (131वां संशोधन) बिल लोकसभा में पास नहीं हो पाया, जो लोकतंत्र और संविधान की बड़ी जीत है। प्रियंका गांधी ने इसे विपक्ष की एकजुटता का परिणाम बताया और कहा कि यह सरकार की “साजिश” को नाकाम करने वाला फैसला है।

“लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश नाकाम”

प्रेस ब्रीफिंग की शुरुआत में प्रियंका गांधी ने कहा कि 17 अप्रैल को जो हुआ, वह लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। उनके मुताबिक, सरकार लोकतंत्र को कमजोर करने की दिशा में कदम उठा रही थी, लेकिन विपक्ष ने मिलकर उसे रोक दिया।

उन्होंने कहा, “यह संविधान की जीत है, विपक्ष की एकता की जीत है। सरकार की जो मंशा थी, उसे देश के सामने लाया गया और रोका गया।”

“जनता अब सब समझती है”

प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बयानों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद में दिए गए भाषणों में यह कहा गया कि जो इस बिल के समर्थन में नहीं आएंगे, वे चुनाव नहीं जीत पाएंगे, यह पूरी तरह गलत है।

उन्होंने दो टूक कहा, “देश की जनता अब 12 साल पहले वाली जनता नहीं है। लोग समझदार हैं और हर चीज़ को बारीकी से देख रहे हैं।”

“विपक्ष ने संविधान की रक्षा की”

संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि विपक्ष ने संविधान की रक्षा की है और डिलिमिटेशन से जुड़ी संभावित साजिश को विफल किया है।

उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस महिला आरक्षण के समर्थन में है, लेकिन सरकार को इस मुद्दे पर ईमानदारी दिखानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि पहले के महिला आरक्षण बिल को दोबारा लाया जाए, जिसे व्यापक सहमति मिल सके।

Location :  New Delhi

Published :  18 April 2026, 12:40 PM IST