जयंत चौधरी को NDA कोटे से फिर राज्यसभा भेजने की चर्चा, 2028 तक है कार्यकाल; आखिर क्यों बन रहा नया प्लान?

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर 16 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी को लेकर सियासी चर्चा तेज है। रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें एनडीए के कोटे से दोबारा राज्यसभा भेजने पर विचार चल रहा है, जबकि उनका मौजूदा कार्यकाल 2028 तक है। अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 2 October 2026, 3:42 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के अध्यक्ष और केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी को एनडीए के कोटे से दोबारा राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा सामने आई है। खास बात यह है कि जयंत चौधरी अभी भी राज्यसभा के सदस्य हैं और उनका मौजूदा कार्यकाल 2028 तक है। ऐसे में उन्हें कार्यकाल पूरा होने से पहले दोबारा उच्च सदन भेजने की चर्चा ने यूपी की राजनीति में एक नया सवाल खड़ा कर दिया है। हालांकि, अभी इस संबंध में कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।

2022 में सपा के कोटे से राज्यसभा पहुंचे थे जयंत

जयंत चौधरी वर्ष 2022 में समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा पहुंचे थे। उस समय सपा और रालोद के बीच गठबंधन था। रालोद के पास विधानसभा में नौ विधायक थे, जबकि जयंत को सपा के कोटे से राज्यसभा भेजा गया था। मौजूदा संसदीय रिकॉर्ड के अनुसार उनका वर्तमान राज्यसभा कार्यकाल जुलाई 2022 से 2028 तक है। इसके बाद 2024 में रालोद एनडीए में शामिल हो गया। जयंत चौधरी केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री भी हैं।

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विदेश से लौटने के बाद स्थिति हो सकती है साफ

रालोद से जुड़े नेताओं के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक जयंत चौधरी इस समय विदेश में हैं। उनके लौटने के बाद इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। पार्टी के वरिष्ठ नेता फिलहाल इस मामले पर खुलकर टिप्पणी करने से बच रहे हैं और अंतिम निर्णय के बाद ही तस्वीर साफ होने की बात कही जा रही है। रालोद नेताओं की ओर से यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा के साथ गठबंधन के दौरान राज्यसभा की एक सीट देने को लेकर चर्चा हुई थी। 2024 में रालोद के एनडीए में शामिल होने के समय भी इस तरह की राजनीतिक चर्चा सामने आई थी।

16 अक्टूबर को यूपी की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को चुनाव होना है। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी। नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर रखी गई है और 16 अक्टूबर को मतदान के साथ परिणाम भी घोषित किए जाएंगे। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही यूपी में दलों के बीच सीटों को लेकर राजनीतिक गणित पर चर्चा तेज हो गई है।

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सदस्यता के बावजूद दोबारा भेजने की चर्चा क्यों?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब जयंत चौधरी का मौजूदा कार्यकाल 2028 तक है तो उन्हें अभी दोबारा राज्यसभा भेजने की जरूरत क्यों पड़ रही है। सामने आई रिपोर्टों के अनुसार चर्चा इस बात को लेकर है कि यदि जयंत अपने मौजूदा राज्यसभा पद से इस्तीफा देते हैं, तो खाली होने वाली सीट और आगामी चुनाव के जरिए नए राजनीतिक समीकरण बनाए जा सकते हैं। हालांकि, यह अभी रिपोर्टों में सामने आई संभावित रणनीति है और इस पर अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।

बागपत लोकसभा सीट पर रालोद का मौजूदा सांसद

जयंत चौधरी के परिवार और रालोद की पश्चिमी यूपी की राजनीति का बागपत से लंबे समय से संबंध रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में रालोद के राजकुमार सांगवान बागपत से सांसद चुने गए थे। इसके अलावा रालोद के पास बागपत के साथ बिजनौर लोकसभा सीट भी है।

Location :  Lucknow

Published :  2 October 2026, 3:42 PM IST