महिला आरक्षण बिल पर सियासी संग्राम: रिजिजू बोले ‘काला दिन…’ थरूर का पलटवार

लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका, जिससे सियासी विवाद खड़ा हो गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। किरेन रिजिजू ने इसे ‘काला दिन’ बताया, वहीं शशि थरूर ने कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के आरक्षण के खिलाफ नहीं है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 18 April 2026, 3:04 PM IST

New Delhi: राजधानी में संसद के भीतर महिला आरक्षण से जुड़े अहम विधेयक पर जोरदार बहस और वोटिंग के बाद बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पर कुल 528 सांसदों ने मतदान किया, जिसमें 298 सांसदों ने इसके पक्ष में और 230 ने विरोध में वोट दिया।

हालांकि, दो-तिहाई बहुमत की शर्त पूरी न होने के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका। ओम बिरला ने साफ किया कि जरूरी समर्थन नहीं मिलने की वजह से बिल को मंजूरी नहीं दी जा सकती।

इस नतीजे के बाद संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह सियासी हलचल तेज हो गई और पक्ष-विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

रिजिजू का हमला: देश के लिए काला दिन

केंद्र सरकार की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह फैसला देश की महिलाओं के साथ अन्याय है।

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उन्होंने कहा कि यह विधेयक संसद और विधानसभा में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से लाया गया था, लेकिन विपक्ष ने इसे समर्थन नहीं देकर गलत संदेश दिया है। रिजिजू ने इस दिन को देश के लिए काला दिन बताते हुए कहा कि इसका जवाब जनता, खासकर महिलाएं, जरूर देंगी। सरकार का मानना है कि इस बिल को पास करने का यह एक ऐतिहासिक मौका था, जिसे विपक्ष ने गंवा दिया।


 

थरूर का पलटवार: हम खिलाफ नहीं, सरकार ने उलझाया

वहीं विपक्ष की ओर से शशि थरूर ने सरकार के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसे जल्द लागू करने की समर्थक है।

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थरूर ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस बिल को परिसीमन (Delimitation) जैसे जटिल मुद्दे से जोड़कर इसे अनावश्यक रूप से उलझा दिया, जिससे इसे पारित करना मुश्किल हो गया। उनके मुताबिक, अगर सरकार वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देना चाहती, तो इसे सीधे और स्पष्ट तरीके से लागू किया जा सकता था।

Location :  New Delhi

Published :  18 April 2026, 3:04 PM IST